उत्तरकाशी। नीरज उत्तराखंडी
जिले के मोरी ब्लॉक के सुदूरवर्ती विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए किए गए औचक निरीक्षण में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
निरीक्षण के दौरान तीन शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं एक शिक्षा मित्र से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच में समग्र शिक्षा अभियान की धनराशि में अनियमितता भी सामने आई है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, बीते सप्ताह मोरी क्षेत्र के एक विद्यालय में शिक्षक के नशे की हालत में होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शिक्षा व्यवस्था की सघन जांच के निर्देश दिए। इसके तहत मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोठियाल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने मोरी ब्लॉक के दूरस्थ विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय दौणी और अन्य विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति तथा विद्यालयी कार्यप्रणाली में लापरवाही सामने आई।
टीम को विद्यालयों में समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्राप्त धनराशि के उपयोग में अनियमितताएं भी मिलीं। वित्तीय रिकॉर्ड और खर्च विवरण में विसंगतियां पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान राजकीय इंटर कॉलेज दौणी में सहायक अध्यापक जय सिंह कठैत बिना अनुमति अनुपस्थित पाए गए। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अलावा निरीक्षण में अन्य दो शिक्षकों की अनुपस्थिति और प्रशासनिक अनियमितताओं के आधार पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई।
वहीं प्राथमिक विद्यालय ठडियार में शिक्षा मित्र संजय कुमार अवकाश प्रार्थना पत्र देकर अनुपस्थित मिले। विभाग ने उनसे जवाब तलब करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। शिक्षा विभाग का कहना है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो आगे कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोठियाल ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में अनुशासनहीनता, शिक्षकों की अनुपस्थिति और सरकारी योजनाओं की धनराशि में गड़बड़ी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत अवकाश अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि जिले के अन्य दुर्गम क्षेत्रों में भी निरीक्षण अभियान जारी रहेगा, ताकि विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सके।




