देहरादून, 22 जून 2026। राजधानी देहरादून में विकास कार्यों को समयबद्ध और जनहित के अनुरूप पूरा कराने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सख्त रुख अपनाया है। जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक में डीएम ने विभिन्न विभागों के भूमिगत निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या जनता को असुविधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, विद्युत विभाग, गेल, वोडाफोन, टाटा कम्युनिकेशन, केएफडब्ल्यू, पीएसयू समेत 14 विभागों और एजेंसियों के प्रस्तावों पर विचार किया गया। जनहित को ध्यान में रखते हुए कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं को रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सशर्त कार्य करने की अनुमति प्रदान की गई।
दो दिन का काम छह माह तक लटका, डीएम ने दिखाई सख्ती
बैठक के दौरान ईसी रोड स्थित होटल रिजेंट के पास सीवर चैंबर निर्माण और ट्रंक लाइन इंटरकनेक्शन जैसे महज दो-तीन दिन के कार्य को दिसंबर से लंबित रखने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
डीएम ने इस मामले में पीआईयू स्मार्ट सिटी के संबंधित सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) जारी करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी और प्रशासनिक लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
समय पर काम पूरा नहीं करने वाली एजेंसियों पर लगेगा भारी जुर्माना
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्माण एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अनुमति मिलने के बावजूद निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा नहीं करने वाली संस्थाओं के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही आरसी काटने और भारी आर्थिक दंड लगाने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा सर्वोपरि है और विकास कार्यों में ढिलाई बरतने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
मानसून में रोड कटिंग पर रोक
डीएम ने मानसून सीजन को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सड़क मरम्मत और सुधारीकरण कार्य पूरे हो चुके हैं, वहां किसी भी प्रकार की नई खुदाई या रोड कटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि कार्य शुरू करने से पहले स्थानीय लोगों को सूचना दी जाए और पर्याप्त मशीनरी व मैनपावर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
व्हाट्सएप ग्रुप से होगी निगरानी
विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों का एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, त्वरित संवाद और विभागों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना है।
सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं
डीएम ने कहा कि कार्यस्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा संकेतक लगाना अनिवार्य होगा। यदि कोई एजेंसी अनुमति से अधिक रोड कटिंग करती है, खुदाई अधूरी छोड़ती है या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और जब्ती जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि रात में की गई खुदाई के गड्ढों को सुबह तक भरना अनिवार्य होगा ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डीएम का स्पष्ट संदेश
“जनता की सुविधा सर्वोपरि है। विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इनके कारण आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना सभी एजेंसियों की जिम्मेदारी है।”
— डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी देहरादून





