उत्तरकाशी। नीरज उत्तराखंडी
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में दो अलग-अलग गांवों में हुए भीषण अग्निकांड ने भारी तबाही मचा दी। मोरी प्रखंड के देवती गांव और भटवाड़ी तहसील के गोरसाली गांव में देर रात लगी आग से दो दोमंजिला आवासीय भवन पूरी तरह जलकर राख हो गए।
हादसों में घरेलू सामान, नगदी, कपड़े और दैनिक उपयोग की वस्तुएं नष्ट हो गईं, जबकि गोरसाली गांव में दो पशुओं की भी जलकर मौत हो गई।
देवती गांव में रसोई से उठी चिंगारी बनी तबाही का कारण
जानकारी के अनुसार मोरी प्रखंड के देवती गांव में मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे कल्लू पुत्र पचीया के दो मंजिला मकान में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि रसोई घर से उठी चिंगारी ने देखते ही देखते पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
आग की लपटें देखकर परिवार के लोग घबरा गए और शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बाल्टियों व अन्य साधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा मकान जलकर राख हो गया। आग बुझाने के दौरान मकान मालिक कल्लू आंशिक रूप से झुलस भी गया।
गोरसाली गांव में शॉर्ट सर्किट से लगी आग
वहीं भटवाड़ी तहसील के गोरसाली गांव में 27 मई की रात करीब 12 बजे देवेन्द्र सिंह रावत के दो मंजिला भवन में भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
आग की घटना में घर के भीतर रखा सामान, बर्तन, बिस्तर और अन्य सामग्री पूरी तरह नष्ट हो गई। साथ ही एक गाय और उसका बछड़ा भी आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए।
SDRF और फायर टीम ने संभाला मोर्चा
दोनों घटनाओं की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
राजस्व विभाग ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, राशन और कपड़े उपलब्ध कराए हैं। प्रशासन द्वारा नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
घटनाओं के बाद दोनों गांवों में शोक और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सहायता देने की मांग की है।




