UPSC में निदेशक बने जौनसार बावर के नरदेव वर्मा, क्षेत्र के पहले जौनसारी व्यक्तित्व

नीरज उत्तराखंडी 

चकराता, 19 सितंबर 2025। जौनसार बावर क्षेत्र के कनबुआ गांव के नरदेव वर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में निदेशक पद का कार्यभार संभालकर इतिहास रच दिया है। वह इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाले पहले जौनसारी व्यक्तित्व हैं। इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा जौनसार बावर क्षेत्र गर्व से गदगद है।

संयुक्त निदेशक से निदेशक बने नरदेव वर्मा

नरदेव वर्मा इससे पहले UPSC में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत थे। उनकी मेहनत, ईमानदारी और कार्य दक्षता को देखते हुए उन्हें पदोन्नति दी गई और अब उन्होंने निदेशक पद संभाल लिया है।

शिक्षा और संघर्ष की प्रेरणादायक यात्रा

नरदेव वर्मा की प्रारंभिक शिक्षा उनके पैतृक गांव कनबुआ के प्राथमिक विद्यालय से हुई। इंटर की पढ़ाई उन्होंने जौनसार बावर इंटर कॉलेज, साहिया से की और आगे की शिक्षा डीएवी पीजी कॉलेज, देहरादून से पूरी की। शिक्षा के साथ उन्होंने हमेशा अपने लक्ष्य को साधे रखा और निरंतर मेहनत से आज इस मुकाम तक पहुंचे।

जौनसार बावर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

संघ लोक सेवा आयोग देश की सबसे प्रतिष्ठित संस्थाओं में गिनी जाती है। ऐसे संस्थान में निदेशक बनना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। नरदेव वर्मा की इस सफलता ने पूरे समाज को गौरवान्वित किया है। उनकी यह उपलब्धि नवयुवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है कि कठिन परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति से हर मंज़िल हासिल की जा सकती है।

क्षेत्र में खुशी की लहर

नरदेव वर्मा की इस नियुक्ति को लेकर पूरे जौनसार बावर समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोग इसे क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि मान रहे हैं और हर ओर उन्हें बधाइयाँ दी जा रही हैं।

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