बड़ी खबर : चमोली हाइड्रोपावर पर अनियमितता का आरोप, पिंडर नदी में लगातार कर रहा खनन

रिपोर्ट/ गिरीश चंदोला थराली। देवाल ब्लाक के  कैल नदी में निर्मित 5 मेगावाट चमोली हाइड्रो पावर कंपनी लिमिटेड के द्वारा पिछले कई वर्षों से परियोजना की मरम्मत के लिए कैल एवं पिंडर नदियों का सीना चीर कर निकालें गए उपखनिजों का बिना रायल्टी एवं जीएसटी भरें ही उपयोग करने के मामले में कंपनी पर बड़ी […]

रिपोर्ट/ गिरीश चंदोला

थराली।

देवाल ब्लाक के  कैल नदी में निर्मित 5 मेगावाट चमोली हाइड्रो पावर कंपनी लिमिटेड के द्वारा पिछले कई वर्षों से परियोजना की मरम्मत के लिए कैल एवं पिंडर नदियों का सीना चीर कर निकालें गए उपखनिजों का बिना रायल्टी एवं जीएसटी भरें ही उपयोग करने के मामले में कंपनी पर बड़ी कार्यवाही हों सकती हैं। 

जिस तरह से प्रशासन ने मीडिया रिपोर्ट के बाद  मरम्मत कार्यों में इस वर्ष के उपखनिजों के आवश्यक दस्तावेज तलब किए गए हैं,उससे तों यही संकेत मिल रहे हैंl

कंपनी पर पिछले कई वर्षों से बिना रायल्टी, सैलटैक्स एवं जीएसटी का भुगतान किए बगैर ही उपखनिजों का उपयोग करते हुए सरकार पर प्रतिवर्ष लाखों रूपयों का चूना लगाने के आरोपों का खुलासा हों सकता है।

देवाल में बनी 5 मेगावाट बिजली परियोजना का हैदराबाद के व्यवसाईयों के द्वारा चमोली हाइड्रो पावर प्लांट की पौने दो दशक पूर्व स्थापना की गई । 

स्थापना के बाद से ही स्थानीय लोगों एवं कंपनी के बीच तमाम मुद्दों पर असहमतियां बनी रही जोकि अब भी बरकरार है, हालांकि कंपनी प्रबंधन के द्वारा समय-समय पर स्थानी कुछ प्रभावशाली लोगों को अपने पक्ष में लेकर आम जनता की समस्याओं की ओर ध्यान देने की जरूरत तक महसूस नही किए जाने का आरोप लगाया रहा हैं।

पिछले दिनों कंपनी के द्वारा अपने डैम साईड पर परियोजना की सुरक्षा के लिए  कैल नदी के पानी को डाईवड करने के लिए प्रशासन के द्वारा अनुमति दी गई हैं। आरोप हैं कि सशर्त अनुमति की आड़ में कंपनी ने जहां कैल नदी के सीने को काफी दूर तक चीर डाला वही नदी से निकले उपखनिजों रेता,बजरी,बोल्डर, पत्थरों का उपयोग वायरक्रेड भरने,दिवारों का निर्माण किए जाने एवं फिलिंग के कार्य में बिना रायल्टी एवं जीएसटी का भुगतान किए ही धड़ल्ले से किया गया हैं। इसके अलावा पिंडर नदी को भी काफी दूर तक खोद डाला हैं। 

थराली के उपजिलाधिकारी रविंद्र जुवांठा के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन के साथ ही खनन विभाग भी सक्रिय हो गया हैं इसके के तहत स्थानी राजस्व विभाग की टीम के साथ जिला खनन अधिकारी डॉ दीपक हटवाल ने देवाल के जैनबिष्ट डैम साईड  पर कंपनी के द्वारा की गई खुदान की नाप-जोख करने के साथ ही कंपनी से रेत, पत्थरों के क्रय के आवश्यक दस्तावेज मांगे गए हैं। इस संबंध में परियोजना से प्रभावि गांवों के पंचायत प्रतिनिधियों ने शहीद सैनिक मेला सवाड़ के अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट, भाजयुमो नेता जितेंद्र बिष्ट के नेतृत्व में गत दिनों चमोली हाइड्रो के  जीएम वीवी राव से भेंट करने के साथ ही, रायल्टी, जीएसटी,जलीय जीवों की सुरक्षा, प्रभावितों के विकास के संबंध में जिलाधिकारी चमोली को एक संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन भी भेजा है। जिसमें उक्त मामलों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई हैं।

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