चमोली, 10 जून 2026। गिरीश चंदोला
चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में एलपीजी गैस वितरण के दौरान कथित घटतौली के आरोपों ने प्रशासन को सक्रिय कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में गैस एजेंसी के कर्मचारियों पर उपभोक्ताओं को कम गैस देने का आरोप लगाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर जिला पूर्ति विभाग ने संबंधित गैस एजेंसी को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
देवाल क्षेत्र में इंडेन गैस वितरण के दौरान सामने आए वीडियो में स्थानीय लोगों ने गैस एजेंसी के कर्मचारियों को कथित रूप से गैस की चोरी और घटतौली करते हुए पकड़ने का दावा किया है। वीडियो में कुछ उपभोक्ता कर्मचारियों से बहस करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि गैस रिफिलिंग में उपयोग होने वाले उपकरण को भी ग्रामीणों द्वारा कब्जे में लेने की बात कही जा रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और उपभोक्ताओं ने गैस वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए।
गैस एजेंसी को जारी हुआ नोटिस
जिला पूर्ति अधिकारी अंकित पांडे ने बताया कि जीपीवीपीएन गैस सर्विस, थराली को नोटिस जारी कर पूरे मामले में विस्तृत जवाब मांगा गया है। विभाग ने एजेंसी से पूछा है कि वायरल वीडियो में दिखाई गई घटनाओं के संबंध में उनका पक्ष क्या है और गैस वितरण प्रक्रिया में किन मानकों का पालन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और सभी तथ्यों की बारीकी से जांच की जा रही है।
उपभोक्ताओं के हितों से समझौता नहीं
जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के अधिकारों और हितों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि जांच में गैस की घटतौली, उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी या किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित एजेंसी और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ती गैस कीमतों के बीच उपभोक्ताओं में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले से ही बढ़ती एलपीजी कीमतों के कारण आम उपभोक्ता परेशान हैं। ऐसे में यदि गैस सिलेंडरों में घटतौली की जा रही है तो यह उपभोक्ताओं के साथ सीधा अन्याय है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरे मामले में जिला प्रशासन की जांच जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और गैस एजेंसी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला केवल घटतौली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों के गंभीर उल्लंघन के रूप में देखा जाएगा।
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