देहरादून: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक अभियंता (AE) परीक्षा के संशोधित सिलेबस में जोड़े गए 100 अंकों के ‘उत्तराखंड सामान्य ज्ञान (GS)’ को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। यह बदलाव राज्य के स्थानीय युवाओं को अधिक अवसर देने और प्रशासनिक व तकनीकी सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन अब जानकारी सामने आई है कि कुछ विभागों ने इस प्रावधान को स्वीकार नहीं किया है।
कार्मिक विभाग के जरिए भेजा गया था प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, संशोधित सिलेबस को कार्मिक विभाग उत्तराखंड के माध्यम से विभिन्न विभागों को अनुमोदन के लिए भेजा गया था। हालांकि, कुछ विभागों द्वारा ‘उत्तराखंड GS’ को सिलेबस में शामिल करने पर सहमति नहीं दी गई, जिससे यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान लोक सेवा आयोग जैसे अन्य राज्यों में AE/JE समेत कई तकनीकी परीक्षाओं में पहले से ही राज्य सामान्य ज्ञान को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे उम्मीदवारों का चयन करना होता है, जो राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझते हों।
क्यों जरूरी माना जा रहा है ‘उत्तराखंड GS’?
इस प्रावधान के समर्थकों का मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं को न्यायसंगत अवसर मिलेगा और ऐसे अभियंता चयनित होंगे, जिन्हें उत्तराखंड की भौगोलिक चुनौतियों, आपदा-प्रवण क्षेत्रों और स्थानीय जरूरतों की बेहतर समझ हो। साथ ही इससे सेवाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जमीनी समझ भी मजबूत होगी।
कुछ विभागों द्वारा इस प्रस्ताव को अस्वीकार करने से अभ्यर्थियों में नाराजगी देखी जा रही है। इसे राज्य के युवाओं की भागीदारी सीमित करने के रूप में भी देखा जा रहा है, जो राज्यहित के खिलाफ माना जा रहा है।
युवाओं और संगठनों ने उठाई मांग
इस मुद्दे को लेकर विभिन्न युवा संगठनों और अभ्यर्थियों ने शासन, कार्मिक विभाग और संबंधित संस्थाओं से मांग की है कि UKPSC द्वारा प्रस्तावित 100 अंकों के उत्तराखंड GS को जल्द से जल्द स्वीकृति दी जाए। उनका कहना है कि यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं के भविष्य और विकास से जुड़ा सवाल है।




