उत्तरकाशी/मोरी।नीरज उत्तराखंडी
प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, यह बात एक बार फिर उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड के जखोल गांव के होनहार छात्र अंश रावत ने साबित कर दिखाई है। बेहद कम उम्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंश रावत ने जिला स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जखोल क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।
अंश रावत, प्रवीण रावत के पुत्र हैं और वर्तमान में कक्षा 3 के छात्र हैं। उनकी इस उपलब्धि से मोरी विकासखंड और जखोल गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है।
कम उम्र में बड़ी उपलब्धि
बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने वाले अंश रावत की सफलता को उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अंश ने कम उम्र में जो उपलब्धि हासिल की है, वह अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
स्थानीय लोगों ने कहा कि “होनहार वीरवान के होत चिकने पात” कहावत अंश रावत पर पूरी तरह सटीक बैठती है। उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रतिभा और मेहनत साथ हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती।
जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
अंश रावत की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी प्रसन्नता व्यक्त की है।
ब्लॉक प्रमुख रणदेव सिंह राणा ने अंश को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश लाल ने भी अंश रावत को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
उन्होंने कहा कि अंश जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सफलता अन्य बच्चों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करेगी।
राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि अंश रावत भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन कर उत्तरकाशी और उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे।
अंश की सफलता ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच और प्रोत्साहन देने की है।
जखोल गांव में खुशी का माहौल
गोल्ड मेडल जीतने की खबर मिलते ही जखोल गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। परिजनों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने अंश रावत को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अंश रावत की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे मोरी क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।





