हर दिन बदलेगे पेट्रोल डीजल के दाम

विकसित बाजारों की तर्ज पर अब भारत मे पेट्रोल और डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय दरों के हिसाब से हर दिन बदलेंगे। इसके लिए देश के पांच चुने शहरों से इसकी शुरुआत की जा सकती है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम एक मई से देश के पांच चुने शहरों में दैनिक आधार पर दाम तय करने की योजना की शुरुआत करेंगे। इसके बाद धीरे धीरे इसे पूरे देश में लागू कर दिया जायेगा। वर्तमान में सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां महीने की पहली और 16 तारीख को ईंधन कीमतों में संशोधन करती हैं। कीमतों में यह संशोधन पिछले पखवाड़े के दौरान अंतरराष्ट्रीय मूल्यों तथा मुद्रा विनिमय दर के औसत मूल्य के आधार पर किया जाता है। अब यह काम अंतरराष्ट्रीय बाजार के दैनिक मूल्यों के हिसाब से होगा। डालर-रुपये की विनिमय दर और कच्चे तेल के दाम में होने वाले दैनिक उतार-चढ़ाव के अनुरूप यहां भी दाम तय किये जायेंगे। देश के कुल 58,000 पेट्रोल पंपों में से 95 प्रतिशत पेट्रोल पंप इन्हीं कंपनियों के हैं। सरकार ने पेट्रोल के दाम जून 2010 में सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दिये थे। इसके बाद डीजल के दाम को अक्तूबर 2014 में नियंत्रण मुक्त कर दिया गया। तकनीकी रूप से तेल कंपनियों को ईंधनों के दाम संशोधित करने की पूरी छूट है लेकिन अक्सर राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुये उन्हें संकेत दिये जाते रहे हैं। तीनों सरकारी तेल कंपनियों के पेट्रोल, डीजल के दाम में मामूली फर्क रहता है। आईओसी के दिल्ली स्थित पेट्रोल पंप पर सामान्य किस्म के पेट्रोल का दाम 66.29 रुपये लीटर है जबकि भारत पेट्रोलियम के पंप पर इसका दाम 66.37 रुपये और एचपीसीएल के पेट्रोल पंप पर सामान्य पेट्रोल 66.48 रुपये लीटर पर उपलब्ध है। इसी प्रकार दिल्ली में बिना ब्रांड वाला डीजल आईओसी के पंप पर 55.61 रुपये, भारत पेट्रोलियम का 55.66 रुपये और एचपीसीएल का डीजल 55.69 रुपये लीटर पर उपलब्ध है।

‘‘अंतत: हम देशभर में सभी पेट्रोल पंपों पर दैनिक आधार पर बाजार दर तय करने की व्यवस्था की तरफ बढ़ेंगे।’’ फिलहाल शुरुआती आधार पर पेट्रोल-डीजल कीमतों में रोजाना आधार पर संशोधन पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम, राजस्थान के उदयपुर, झारखंड के जमशेदपुर और चंडीगढ़ में क्रियान्वित किया जाएगा। तकनीकी रूप से रोजाना आधार पर दाम बदलना संभव है, लेकिन पहले हम यह पायलट आधार पर करेंगे। पायलट आधार पर यह काम होने और इसके प्रभाव का आकलन करने के बाद इसे देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाएगा। पायलट योजना एक माह के भीतर शुरू की जायेगी।

बी अशोक
चेयरमैन (आईओसी)

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