उत्तराखंड में अब ‘पशु सखी’ जगाएंगे कृत्रिम गर्भाधान की अलख

राज्य की प्रथम महिला कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिला पशुपालकों को किया सम्मानित

एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड लाइवस्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड पशुपालन विभाग द्वारा राज्य की प्रथम महिला कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पशुपालन मंत्री रेखा आर्य एवं विधायक धर्मपुर की अध्यक्षता में किया गया।
यूएलडीबी के मुख्य अधिशासी अधिकारी डा. एमएस नयाल ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में गढ़वाल के 6 एवं कुमाऊं के 3 जनपदों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिसमें प्रत्येक संगठित आजीविका समूह में एक कृत्रिम गर्भाधान केंद्र तथा दुग्ध संग्रह केंद्र खोला जाएगा। जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में पशुपालन के द्वार पर कृत्रिम गर्भाधान सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही उनके द्वारा उत्पादित दूध की बिक्री हेतु भी दुग्ध संघ के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी, जिसमें पशुपालकों की आजीविका में सुधार होगा व उत्पादकता बढ़ेगी।


इस अवसर पर प्रदेश के समस्त जनपदवार उत्कृष्ट महिला पशुधन प्रसार अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी ग्रेड-2, पशु चिकित्सा अधिकारी ग्रेड-1 एवं पशुपालकों को स्वरोजगार के रूप में उत्कृष्ट कार्य हेतु महिला पशुपालकों को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर धर्मपुर के विधायक विनोद चमोली ने सरकार द्वारा पशुपालन को केंद्रीय बिंदु में रखते हुए राज्य की पशुपालकों की आमदनी दोगुना करने हेतु सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेषकर पशुपालन मंत्री रेखा आर्य के आज के कार्यक्रम में महिलाओं को स्वरोजगार देते हुए महिला सशक्तिकरण की तरफ अग्रसर होने की सराहना की।


इस अवसर पर पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने उनकी महिला कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता के विशेष रूप से प्रशिक्षण की परिकल्पना को वास्तविक रूप में होते देख प्रसन्नता व्यक्त की। पशुपालन मंत्री ने कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को हृदय स्पर्शी ‘पशु सखी’ का नाम देते हुए उनके द्वारा इस कार्य में ममत्व की अपेक्षा करते हुए प्रशिक्षण उपरांत अपने दायित्वों से जुड़े रहने का आह्वान किया गया।
रेखा आर्य ने बताया कि प्रत्येक पशु सखी को प्रथम वर्ष १० कृत्रिम गर्भाधान प्रतिमाह करने पर 3000 मानदेय, द्वितीय वर्ष १५ कृत्रिम गर्भाधान प्रतिमाह करने पर 2500 रुपए एवं तृतीय वर्ष २० कृत्रिम गर्भाधाम प्रतिमाह करने पर उन्हें मानदेय के रूप में 2000 का प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तृतीय वर्ष उपरांत प्रत्येक पशु सखी को पशु कृत्रिम गर्भाधान खोलने हेतु रुपए 500 का मासिक किराया भत्ता एवं दुग्ध संग्रह खोलने पर 2000 का किराया भत्ता दिया जाएगा।
इस अवसर पर पशुपालन मंत्री ने कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को मोटरसाइकिल वितरित की गई।


इस मौके पर परियोजना निदेशक पशु प्रजनन फार्म कालसी डा. लोकेश कुमार, अपर निदेशक पशुपालन विभाग डा. अशोक कुमार, संयुक्त निदेशक डा. संदीप रावत, डा. पीएस यादव, डा. जीडी जोशी, डा. नीरज सिंघल, डा. सुनील बिंजोला तथा डा. ए.के. डिमरी, डा. विशाल शर्मा, डा. असीम देव, डा. धीरज सिंह भंडारी, डा. पुनीत कुमार, डा. अमित अरोड़ा, डा. अजय पाल सिंह असवाल, डा. राजेश शर्मा आदि उपस्थित थे।

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