एक्सक्लूसिव:जिला आबकारी अधिकारी की ठेके वाले ने की पुलिस में शिकायत

आबकारी मंत्री प्रकाश पंत आबकारी विभाग को पटरी पर लाने के चाहे जितने दावे कर लें, लेकिन हकीकत तो यह है कि आबकारी विभाग के जंगल राज के आगे शासन तथा प्रशासन बौने साबित हो रहे हैं।
 इसका ताजा उदाहरण देहरादून के रानी पोखरी के देशी शराब ठेकेदार द्वारा जिला आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय के खिलाफ थाने में दी गई तहरीर है।
 देहरादून के रानीपोखरी स्थित देसी शराब के ठेकेदार सन्नी अग्रवाल ने आज रानीपोखरी थाना अध्यक्ष के नाम एक तहरीर दी है। जिसमें उन्होंने बताया है कि जिला आबकारी अधिकारी मनोज कुमार उपाध्याय, आबकारी निरीक्षक (क्षेत्र- 3) भारत आबकारी निरीक्षक सुजान और एक और व्यक्ति के साथ ही आबकारी निरीक्षक संजय रावत उनके ठेके पर आए और उन्हें धमकाते हुए कहा कि तुम्हारे मालिक ने अभी तक सरकारी पैसा पूरा जमा नहीं किया है तथा गले में से ₹लाख ले लिए। तहरीर में दी गई शिकायत में सेल्समेन विजेंदर सिंह ने यह भी कहा है कि इस बात पर आबकारी निरीक्षक भरत ने जिला आबकारी अधिकारी को समझाने का प्रयास किया और विरोध भी किया लेकिन जिला आबकारी अधिकारी नहीं माने।
 इसके बाद उन्होंने आधा शटर डाउन कर अंदर बैठ कर इधर उधर की बात करते हुए चाय पी और वहां पर करीब डेढ़ से 2 घंटे तक रुके रहे।
 इस बीच मनोज कुमार उपाध्याय के फोन पर कई फोन आए लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। करीब 6:30 बजे मनोज मनोज उपाध्याय ने कहा कि कितना और कैश बाकी है, बताओ !
 इस पर प्रार्थी ने उन्हें बताया कुल मिलाकर ₹72500 हैं। इस पर मनोज उपाध्याय ने कहा कि वह रुपया हम भी जा रहे हैं तो सेल्समैन ने पहले की तरह विरोध किया।


इस पर मनोज उपाध्याय ने कहा कि हम इसकी पक्की रसीद दे देंगे। व साथ आए व्यक्ति से रसीद लिखवा दी। किंतु उस रसीद पर दस्तखत नहीं थे और उन्होंने दस्तखत करने से भी मना कर दिया।
 तहरीर में विजेंदर सिंह ने आरोप लगाया है कि मनोज उपाध्याय ने गल्ले से 3,72,500 रुपये गैर कानूनी रूप से रख लिए और यह कृत्य उनके अधिकार क्षेत्र से भी बाहर है। या तो उन्होंने यह रुपया खुद हड़प लिया है या सरकारी खजाने में जमा कर दिया है।
 ठेके के मालिक सनी अग्रवाल ने आरोप लगाया कि यह प्रथम दृष्टया सुनियोजित लूट और भ्रष्टाचार का मामला है। उन्होंने इस तहरीर की प्रतिलिपि डीएम,एसएसपी, एसपी विजिलेंस तथा एसपी देहात को भी की है। रानीपोखरी के थाना अध्यक्ष का कहना है कि वह छुट्टी पर थे इसलिए उन्हें इस मामले का कोई संज्ञान नहीं है, ना ही उनकी थाने में कोई इस तरह की तहरीर दी गई।
जिला आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय भी इस तरह की कोई भी तहरीर अपने खिलाफ होने की जानकारी होने से अनभिज्ञता जताते हैं और कहते हैं कि आबकारी विभाग और थाने में तो आजकल काफी मेल मुलाकात जैसा होने लगा है।

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