गजब खुलासा : समाचार प्लस के मामले में जांच अधिकारी ने कोर्ट से मांगी माफी

 नैनीताल हाईकोर्ट से समाचार प्लस के उमेश शर्मा को एक और राहत मिली है। उमेश शर्मा के खिलाफ बी वारंट जारी करने के मामले में आज जांच अधिकारी कोर्ट में पेश हुई कोर्ट के आदेश की अनदेखी करने पर जांच अधिकारी ने कोर्ट से माफी मांगी।
इसके साथ ही “बी वारंट” पर रोक अगले 3 हफ्तों के लिए बढ़ा दी गई है। इस मामले में अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद होगी गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में सरकार ने उच्च न्यायालय को यह भरोसा दिया था कि स्टिंग ऑपरेशन के किंग और समाचार प्लस के मुखिया उमेश कुमार की गिरफ्तारी अब नहीं होगी।
     उमेश शर्मा के अधिवक्ता गोपाल के.वर्मा ने बताया कि देहरादून निवासी चेतन तोमर ने 18 नवंबर को देहरादून थाने में उमेश शर्मा व साथियों के खिलाफ 17 नवंबर की रात मारपीट और लूटपाट की एफ.आई.आर.दर्ज कराई थी। उमेश शर्मा ने न्यायालय में एफ.आई.आर.को चुनौती देते हुए कहा था कि वो उस रात देहरादून में मौजूद ही नहीं थे। उन्होंने न्यायालय को बताया कि वो उस दिन रांची पुलिस की गिरफ्त में थे तो वो वारदात को कैसे अंजाम दे सकते हैं ? मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने चेतन तोमर और जांचकर्ता(आई.ओ.)से शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने को कहा था। अपर महाधिवक्ता ने न्यायालय को आश्वस्त किया था कि अब स्टिंग किंग उमेश शर्मा की राज्य में गिरफ्तारी नहीं कि जाएगी ।
जांच अधिकारी के कोर्ट से माफी मांगने के बाद कोर्ट ने 3 सप्ताह बाद फिर से सुनवाई की तारीख रखी है।
उमेश कुमार प्रकरण में सरकार की फजीहत के बाद भी सरकार पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए बहुत लालायित है। जनता में यह चर्चाएं आम होने लगी हैं कि आखिर सरकार राज काज चलाना छोड़ कर आखिर f.i.r. जैसे किस पचड़े में पड़ गई है।
पर्वतजन के सूत्रों के अनुसार पत्रकारों के खिलाफ इस तरह की कार्यवाही के लिए उकसाने वाले सरकार के ही सलाहकार और चंद पुलिस अफसर हैं जो मुख्यमंत्री के सामने अपने नंबर बढवाना चाहते हैं, अथवा प्रमोशन पाना चाहते हैं। इसलिए वह कोई न कोई षड्यंत्र करके रोज नया कारनामा अंजाम देने में मशगूल हैं। किंतु बिना होमवर्क के उनके यह कारनामे कोर्ट की चौखट तक जाते-जाते चित्त हो जा रहे हैं और सरकार की फजीहत हो रही है।
सरकार जिस दिशा में काम कर रही है उससे ऐसा लगता है कि दिसंबर का पूरा महीना भी पत्रकारों पर सरकार के जुल्म के रूप में याद किया जाएगा और सरकार फिर से एक नए मीडिया ट्रैप में फंसने जा रही है, जिसमें वह रोज किसी न किसी गलत खबर के कारण चर्चा में बनी रहेगी।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts