त्यूणी, 26 अक्टूबर। नीरज उत्तराखंडी
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक शाखा में ₹50 के नोट जमा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि बैंक कर्मचारी ने ग्राहक से ₹50 के नोट स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसको लेकर ग्राहक और कर्मचारी के बीच काउंटर पर तीखी बहस हो गई।
ग्राहक का कहना था कि ₹50 का नोट वैध मुद्रा है और उसे खाते में जमा करने से इनकार करने का कोई आधार नहीं है। वहीं, कर्मचारी द्वारा कथित रूप से नोट स्वीकार नहीं किए जाने पर बैंक की कार्यप्रणाली और ग्राहक सेवा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
क्या ₹50 का नोट लेने से बैंक कर सकता है इनकार?
RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रचलन में मौजूद वैध बैंक नोटों को लेकर बैंक शाखाओं पर ग्राहक सेवा संबंधी दायित्व निर्धारित हैं। छोटे मूल्यवर्ग के नोटों को स्वीकार करने से इनकार किए जाने की स्थिति में ग्राहक शिकायत दर्ज करा सकता है।
हालांकि, यदि मामला बैंक काउंटर के बजाय कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) में ₹50 का नोट जमा करने का है, तो स्थिति अलग हो सकती है, क्योंकि मशीनों में स्वीकार किए जाने वाले नोटों के मूल्यवर्ग सीमित हो सकते हैं।
शिकायत का अधिकार
यदि किसी ग्राहक को शाखा काउंटर पर वैध ₹50 के नोट जमा करने से रोका गया है तो वह शाखा प्रबंधक के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज करा सकता है और शिकायत की रसीद या शिकायत संख्या मांग सकता है। बैंक स्तर पर समाधान नहीं होने पर RBI के शिकायत निवारण तंत्र में भी शिकायत की जा सकती है।
फिलहाल पूरे मामले में संबंधित SBI शाखा और कर्मचारी का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। इसलिए घटना की परिस्थितियों और बैंक कर्मचारी द्वारा इनकार के वास्तविक कारण की पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
सवाल यह भी है कि यदि नोट वैध है तो उसे स्वीकार करने से इनकार किस नियम के तहत किया गया? ग्राहक को इस सवाल का स्पष्ट जवाब बैंक प्रबंधन से मिलना चाहिए।






