प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही छात्र-छात्राओं को मुफ्त किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगी, जिससे पढ़ाई में किसी तरह की देरी नहीं होगी।
28 मार्च तक स्कूलों में पहुंचेंगी किताबें
माध्यमिक शिक्षा निदेशक मुकुल कुमार सती के अनुसार, विभाग का लक्ष्य है कि 28 मार्च 2026 तक सभी स्कूलों में किताबें पहुंचा दी जाएं।इससे छात्र सत्र के पहले दिन से ही पढ़ाई शुरू कर सकेंगे।
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हर साल होती थी देरी, इस बार बदली व्यवस्था
अब तक हर साल सरकारी और अशासकीय स्कूलों में किताबें समय पर नहीं पहुंच पाती थीं।
- कई बार 6 से 7 महीने तक छात्र किताबों का इंतजार करते थे।
- पढ़ाई प्रभावित होती थी।
- अभिभावकों और छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ती थी।
लेकिन इस बार शिक्षा विभाग ने इस समस्या को खत्म करने के लिए पहले से तैयारी शुरू कर दी है।
कितने छात्रों को मिलेंगी किताबें?
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार:
- कक्षा 1 से 8 तक:
👉 6.29 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं
👉 43.78 लाख किताबें वितरित होंगी - कक्षा 9 से 12 तक:
👉 3.44 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं
👉 38.67 लाख से ज्यादा किताबें दी जाएंगी
कुल मिलाकर लाखों छात्रों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा।
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शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार
इस पहल से न सिर्फ पढ़ाई समय पर शुरू होगी, बल्कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में भी सुधार देखने को मिलेगा।
यह कदम छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिससे उन्हें बेहतर शिक्षा का माहौल मिल सके।
नए शिक्षा सत्र से पहले मुफ्त किताबों के वितरण से लाखों छात्र-छात्राओं को फायदा होगा और उनकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के समय पर शुरू हो सकेगी।
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