देहरादून में कल हुए गोलीकांड और रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत मामले में अब प्रशासन का एक और बड़ा एक्शन सामने आया है।
आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित आबकारी उप निरीक्षक सोबन सिंह रावत को निलंबित कर दिया है। ये आदेश आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने जारी किया है।
देर रात खुला बार बना विवाद की जड़
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि राजपुर रोड स्थित Genz Bar देर रात तक खुला हुआ था।
नियमों के अनुसार किसी भी स्थिति में बार को रात 12 बजे तक ही संचालित करने की अनुमति होती है। लेकिन Genz बार देर रात तक खुला रहा।
लापरवाही पर गिरी गाज
आबकारी विभाग के अनुसार संबंधित अधिकारी ने अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती।
विभाग के द्वारा जारी आदेश के अनुसार,मसूरी क्षेत्र में होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि की निगरानी एवं उसकी सूचना से उच्चाधिकारियों को अवगत करने का उत्तरदायित्व संबंधित उप निरीक्षक को सौंपा गया था ।
अपने उच्चाधिकारी को यथास्थिति से अवगत नहीं कराने, समय पर बार अनुज्ञापनों की बंदी सुनिश्चित नहीं कराने के दायित्व के निर्वहन में बरती गई घोर लापरवाही के चलते ये कार्यवाही हुई हैं।
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जांच तक निलंबन जारी
आदेश के अनुसार, आबकारी इंस्पेक्टर को अग्रिम आदेश तक निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान अधिकारी को जिला आबकारी अधिकारी, देहरादून कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
देखें आदेश:

पढ़े पूरा मामला:
देहरादून में नाइट क्लब के झगड़े के बाद कल सुबह फायरिंग में 74 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की गोली लगने से मौत हो गई।
इस मामले में पुलिस ने मसूरी रोड स्थित जेन जी क्लब को सील करने के साथ ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही क्लब का लाइसेंस रद्द करने के लिए डीएम को सिफारिश भेजी गई है।
घटना राजपुर रोड के पास सिनोला और जौहरी गांव के बीच हुई। ब्रिगेडियर जोशी रोज की तरह सुबह 6:39 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे।
इसी दौरान दो कारों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो इतना बढ़ गया कि स्कॉर्पियो में सवार युवकों ने फॉर्च्यूनर को रोकने के लिए उसके टायरों पर 8 से 9 राउंड फायरिंग की।
इसी दौरान एक गोली ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के सीने में लगी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
गंभीर रूप से घायल ब्रिगेडियर को तुरंत मैक्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि मालसी के पास शुरू हुआ विवाद ओवरटेक का नहीं, बल्कि 29 मार्च की रात बिल के पैसों को लेकर हुआ था।
फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो सवारों से पूछताछ में पता चला कि दोनों पक्ष दोषी थे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और अलग-अलग टीमों का गठन किया।
सर्विलांस और पूछताछ के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में रोहित कुमार पुत्र राजेंद्र कुमार, मोहन गार्डन उत्तम नगर दिल्ली (20 वर्ष), निखिल मल्होत्रा पुत्र धर्मवीर मल्होत्रा, विकासपुरी दिल्ली (23 वर्ष), संदीप कुमार पुत्र जगदीश सिंह, अमन कॉलोनी नजफगढ़, दिल्ली (43 वर्ष) और आदित्य चौधरी पुत्र अंकुर चौधरी मुखर्जी नगर, दिल्ली (20 वर्ष) शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे (315 और 32 बोर), जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और एक स्कॉर्पियो वाहन (बिना नंबर प्लेट) बरामद किया। इसके अलावा, दोनों पक्षों की कारें भी पुलिस के कब्जे में ले ली गई हैं।
क्लब करीब ढाई बजे तक खुला था। विवाद में शामिल चार में से तीन स्टूडेंट क्लब के मालिक हैं। सभी का पूर्व में कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
पुलिस ने कहा कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, पुलिस ने चेतावनी दी है कि अब से निर्धारित समय के बाद किसी भी नाईट क्लब के खुलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
