उत्तराखंड के रुद्रपुर में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक केंद्रों पर छापेमारी की।
इस दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर एक अस्पताल की दो अल्ट्रासाउंड मशीनों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. केके अग्रवाल के निर्देश पर की गई, जिसका उद्देश्य PCPNDT Act (लिंग जांच रोकथाम कानून) का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
कैसे हुई कार्रवाई?
अभियान का नेतृत्व नोडल अधिकारी डॉ. एसपी सिंह और नायब तहसीलदार राधेश्याम राणा ने किया। टीम में राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।
✔️ कुल 9 अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण
✔️ रिकॉर्ड, Form-F और मरीजों के दस्तावेजों की जांच
✔️ नियमों के पालन की बारीकी से समीक्षा
निरीक्षण के दौरान एक अस्पताल में गंभीर लापरवाही सामने आई—
- दो अल्ट्रासाउंड मशीनें मौजूद थीं
- मौके पर कोई अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिला
- मशीनों का उपयोग नियमों के खिलाफ पाया गया
इसके चलते टीम ने दोनों मशीनों को सील कर दिया और अस्पताल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए।
PCPNDT Act पर सख्ती
CMO डॉ. केके अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्रवाई का मकसद कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराई को खत्म करना है।
➡️ लिंग जांच पूरी तरह प्रतिबंधित
➡️ नियम उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई
➡️ दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान
आगे भी जारी रहेगा अभियान
अधिकारियों ने साफ किया कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि सभी स्वास्थ्य संस्थान नियमों का पालन करें और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लग सके।




