बड़ी खबर: सरकारी संपत्तियां निजी हाथों में देने का दावा। कांग्रेस का BJP पर हमला

रुद्रप्रयाग। रिपोर्ट – जयप्रकाश नौगाई  उत्तराखंड में सरकारी जमीन और संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि रुद्रप्रयाग जिले के दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) के महत्वपूर्ण निरीक्षण भवनों को सरकार निजी […]

रुद्रप्रयाग। रिपोर्ट – जयप्रकाश नौगाई 

उत्तराखंड में सरकारी जमीन और संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि रुद्रप्रयाग जिले के दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) के महत्वपूर्ण निरीक्षण भवनों को सरकार निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (UIIIDB) के माध्यम से राज्य की हजारों बीघा सरकारी जमीन और संपत्तियों को 90 साल तक की लीज पर निजी हाथों में देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। कांग्रेस ने कहा कि इसी कड़ी में रुद्रप्रयाग के तीनों निरीक्षण भवनों की जमीन भी निजी परियोजनाओं के लिए दिए जाने की आशंका है।

हर जिले में कांग्रेस की प्रेस वार्ता, सरकारी संपत्तियों को लेकर उठाए सवाल

कांग्रेस ने कहा कि सरकार के कथित फैसलों को जनता के सामने लाने के लिए पार्टी की ओर से राज्यभर के जिलों में प्रेस वार्ताएं आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में रुद्रप्रयाग में भी कांग्रेस नेताओं ने सरकारी जमीन और संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने को लेकर सवाल उठाए।

कांग्रेस के मुताबिक, दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी के PWD निरीक्षण भवन बेहद महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित हैं। इन भवनों तक सड़क संपर्क और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि केदार घाटी के इन इलाकों में आसानी से उपलब्ध जमीन सीमित है। कांग्रेस का कहना है कि इसी वजह से इन संपत्तियों की जमीन बेहद महत्वपूर्ण है और इसे क्षेत्र की धरोहर से जोड़कर देखा जाना चाहिए।

नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश की परियोजनाओं का दिया उदाहरण

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पहले ही UIIIDB के माध्यम से सरकारी जमीन और संपत्तियों को PPP मॉडल पर निजी परियोजनाओं के लिए देने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।

पार्टी ने दावा किया कि नैनीताल के पटुवा डांगर की करीब 14 एकड़ भूमि पर प्रीमियम रिजॉर्ट, हरिद्वार के अलकनंदा होटल और ऋषिकेश के लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन को PPP मोड के तहत होटल परियोजनाओं के लिए दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

कांग्रेस का आरोप है कि इन्हीं उदाहरणों की तर्ज पर रुद्रप्रयाग के तीनों निरीक्षण भवनों की जमीन को भी निजी परियोजनाओं के लिए दिए जाने की तैयारी की जा रही है।

कांग्रेस का दावा- 1200 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन के प्रस्तावों को मंजूरी

कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भी निशाना साधा। पार्टी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की ओर से अब तक UIIIDB को करीब 1200 एकड़ यानी 6000 बीघा से अधिक सरकारी जमीन उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी जा चुकी है।

कांग्रेस के मुताबिक, कई हजार बीघा जमीन से जुड़े अन्य प्रस्ताव अभी अनुमति के लिए लंबित हैं।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि अब तक जारी की गई तीन निविदाओं की शर्तों से संकेत मिलता है कि सरकारी जमीन और संपत्तियों को निजी कंपनियों या निवेशकों को लंबी अवधि की लीज पर देने की नीति अपनाई जा रही है। कांग्रेस ने दावा किया कि कुछ मामलों में 90 साल की लीज अवधि पूरी होने के बाद लीजधारक के मालिकाना हक से जुड़े सवाल भी उठ सकते हैं।

हालांकि, ये सभी आरोप कांग्रेस द्वारा लगाए गए हैं और संबंधित सरकारी विभाग या सरकार का पक्ष इस प्रेस नोट में शामिल नहीं है।

25 PWD निरीक्षण भवनों को लीज पर देने का आरोप

कांग्रेस ने दावा किया कि राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग के करीब 25 निरीक्षण भवनों और पर्यटन विभाग के कुछ होटलों को भी निजी हाथों में लीज पर देने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है।

पार्टी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में मंत्रिमंडल ने राज्य की जमीनों और संपत्तियों को UIIIDB के माध्यम से निजी हाथों में देने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी थी और मुख्यमंत्री को इस संबंध में अधिकृत किया गया था।

कांग्रेस ने इसी आधार पर आरोप लगाया कि सरकारी विभागों की महत्वपूर्ण जमीन और संपत्तियों को निजी क्षेत्र को सौंपने के फैसलों के पीछे राज्य सरकार की नीति जिम्मेदार है।

मसूरी के पार्क एस्टेट का भी कांग्रेस ने उठाया मुद्दा

प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने मसूरी स्थित पार्क एस्टेट (हाथीपांव) का उदाहरण भी दिया। कांग्रेस का दावा है कि वर्ष 2023 में करीब 142 एकड़ सरकारी भूमि को ‘राजस एरो स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड’ को 15 साल के लिए लीज पर दिया गया था।

कांग्रेस ने इस जमीन का बाजार मूल्य करीब 30 हजार करोड़ रुपये होने का दावा किया और कहा कि इसे 1 करोड़ रुपये प्रति वर्ष की लीज पर दिए जाने को लेकर सवाल उठते हैं।

यहां भी कांग्रेस द्वारा बताए गए बाजार मूल्य और सौदे से संबंधित दावे पार्टी के आरोप हैं।

भू-कानून को लेकर भी धामी सरकार पर कांग्रेस का हमला

कांग्रेस ने उत्तराखंड के भू-कानून में हुए बदलावों को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2018 में तत्कालीन त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के कार्यकाल में भू-कानून में बदलाव कर बाहरी लोगों के लिए जमीन खरीद का रास्ता आसान किया गया।

कांग्रेस ने आगे आरोप लगाया कि वर्ष 2022 के बाद औद्योगिक प्रयोजन, होटल और शिक्षण संस्थान जैसे उद्देश्यों के लिए खरीदी गई जमीन को प्लॉटिंग के जरिए बेचने का रास्ता भी आसान किया गया।

कांग्रेस का कहना है कि राज्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निजी जमीनों के लेनदेन के बाद अब सरकार की नजर सरकारी विभागों की महत्वपूर्ण जमीनों और संपत्तियों पर है।

सरकारी संपत्तियां निजी हाथों में नहीं जाने देगी कांग्रेस: पार्टी

कांग्रेस ने कहा कि पार्टी राज्य सरकार की इस कथित नीति का विरोध करेगी। रुद्रप्रयाग जिला कांग्रेस ने घोषणा की कि दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी के तीनों निरीक्षण भवनों पर रक्षा सूत्र बांधकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

पार्टी ने कहा कि केदार भूमि की इन महत्वपूर्ण जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में जाने से रोकने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि उत्तराखंड कांग्रेस राज्यभर में सरकारी जमीनों और संपत्तियों को बचाने के मुद्दे पर आंदोलन चलाएगी।

प्रेस वार्ता में ये नेता रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष कुलदीप कंडारी, पूर्व विधायक मनोज रावत, प्रवक्ता नरेंद्र बिष्ट, नगर पालिका अगस्त्यमुनि के राजेंद्र गोस्वामी, प्रदेश महामंत्री दीपा देवी आर्य, प्रदेश सचिव कुंवर सजवाण, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरीश गुसाईं, महावीर चौधरी, विनोद राणा, बलदेव नेगी, कार्यालय प्रभारी मनोहर रावत, अंकुर रौथाण, देवेश्वरी देवी, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष राय सिंह बिष्ट, नगर अध्यक्ष सुरेंद्र लाल, जिला महामंत्री भारत भूषण कठैत, जिला महामंत्री विजयपाल राणा, संजय चौधरी सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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