- यमुना तट पर सफाई अभियान में एकत्र कूड़े के कट्टे बरसात से पहले से पड़े, श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी
बड़कोट/उत्तरकाशी, 20 सितंबर 2026।नीरज उत्तराखंडी
यमुनोत्री धाम में यमुना नदी की स्वच्छता और पवित्रता को लेकर प्रशासनिक दावों के बीच जमीनी स्थिति सवाल खड़े कर रही है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के स्पष्ट निर्देश के बावजूद यमुना नदी तट पर सफाई अभियान के दौरान एकत्र किए गए कूड़े के कट्टे अब तक नहीं हटाए गए हैं।
बरसात से पहले नदी किनारे लगाए गए ये कूड़े के कट्टे लंबे समय से वहीं पड़े हैं, जिससे धाम की सुंदरता प्रभावित होने के साथ ही नदी की स्वच्छता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हाल ही में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने यमुनोत्री धाम का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित जिला पंचायत और सुलभ इंटरनेशनल को नदी तट पर पड़े कूड़े को तत्काल हटाने और उचित निस्तारण के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कूड़े के ढेर जस के तस पड़े होने से प्रशासनिक आदेशों के अनुपालन की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
सफाई अभियान चला, लेकिन कूड़ा उठाने की व्यवस्था अधूरी
यमुना नदी की स्वच्छता को लेकर पूर्व में खबरें प्रकाशित होने के बाद धाम में कई बार सफाई अभियान चलाए गए। सफाई के दौरान नदी और उसके आसपास से निकाले गए कूड़े को कट्टों में भरकर नदी तट पर एकत्र कर दिया गया। उम्मीद थी कि सफाई अभियान के बाद इन कट्टों को निर्धारित स्थान तक पहुंचाकर उनका विधिवत निस्तारण किया जाएगा, लेकिन लंबे समय बाद भी ऐसा नहीं हो पाया।
पुल के समीप यमुना मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग तथा नदी किनारे कूड़े से भरे कट्टे श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह स्थिति धाम की स्वच्छता व्यवस्था की तस्वीर भी पेश करती है।
नदी की स्वच्छता और धाम की सुंदरता पर असर
यमुना नदी के तट पर लंबे समय से पड़े कूड़े के कट्टों से न केवल धाम की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि इनके बारिश के पानी में बहकर नदी तक पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। यदि समय रहते कूड़े का निस्तारण नहीं किया गया तो नदी की स्वच्छता प्रभावित होने के साथ आसपास दुर्गंध और गंदगी की समस्या भी बढ़ सकती है।
यमुनोत्री धाम में श्रद्धालु नदी तट पर स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नदी किनारे कूड़े का जमा रहना श्रद्धालुओं के लिए असुविधा का कारण भी बन रहा है।
डीएम के निर्देश के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिलाधिकारी स्तर से कूड़ा हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं, तो संबंधित विभागों द्वारा अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह गंभीर सवाल है। स्थानीय लोगों ने कहा कि सिर्फ सफाई अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सफाई के बाद निकले कूड़े को समयबद्ध तरीके से निर्धारित स्थल तक पहुंचाकर उसका वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण भी जरूरी है।
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, पंच पाड़ा समिति के सचिव गिरीश उनियाल, आशुतोष उनियाल, महावीर पंवार समेत स्थानीय लोगों ने मामले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी यदि कूड़ा नहीं हटाया जा रहा है तो यह संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए यमुना तट पर पड़े कूड़े के कट्टों को तत्काल हटवाने, कूड़े का उचित निस्तारण कराने और जिम्मेदार विभागों से आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।


