देहरादून। उत्तराखंड में मानसूनी गतिविधियां अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी हैं। प्रदेश में मौसम का मिजाज भी बदलता नजर आ रहा है। दिन में चटक धूप के चलते गर्मी का अहसास हो रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण रातें सर्द होने लगी हैं। रविवार सुबह से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप खिली हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक आज राज्यभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
दिन में बढ़ी गर्मी, रात में गिरा तापमान
मौसम के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से एक डिग्री कम है।
पर्वतीय क्षेत्रों में दिन और रात के तापमान में अंतर और अधिक महसूस किया जा रहा है। पहाड़ों में न्यूनतम तापमान में गिरावट के साथ हवाएं चलने से सुबह और रात के समय ठंड का अहसास बढ़ गया है। मौसम में यह बदलाव मानसून की कमजोर होती गतिविधियों के बीच देखा जा रहा है।
25 सितंबर तक पहाड़ों में हल्की बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 25 सितंबर तक पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अधिकांश मैदानी क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
इसके साथ ही उत्तराखंड में मानसून की विदाई के संकेत भी मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 25 से 30 सितंबर के बीच प्रदेश से मानसून विदा हो सकता है। हालांकि सितंबर के शेष दिनों में होने वाली बारिश के कारण मानसून की विदाई की स्थिति और वर्षा के आंकड़ों में बदलाव संभव है।
उत्तराखंड में औसत बारिश सामान्य से 4 फीसदी ज्यादा
इस मानसून सीजन में उत्तराखंड में बारिश का आंकड़ा कुल मिलाकर सामान्य से थोड़ा अधिक रहा है, लेकिन जिलावार स्थिति में बड़ा अंतर देखने को मिला है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के 1 जून से 18 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक के वर्षा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में औसत वर्षा 1159.1 मिलीमीटर दर्ज की गई। इस अवधि में सामान्य वर्षा 1118.4 मिलीमीटर मानी गई है। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 4 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
हालांकि जिलेवार आंकड़े बताते हैं कि कहीं बादल जमकर बरसे तो कहीं बारिश का इंतजार बना रहा।
बागेश्वर में सामान्य से 161 फीसदी ज्यादा बारिश
इस मानसून सबसे ज्यादा बारिश बागेश्वर जिले में दर्ज की गई है। यहां सामान्य 758.9 मिलीमीटर के मुकाबले 1982.7 मिलीमीटर बारिश हुई। यह सामान्य से 161 फीसदी अधिक है।
इसके अलावा अल्मोड़ा में सामान्य से 27 फीसदी, चमोली में 69 फीसदी, टिहरी में 28 फीसदी और हरिद्वार में 14 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
पौड़ी में बारिश की सबसे बड़ी कमी
दूसरी ओर पौड़ी गढ़वाल में बारिश का आंकड़ा चिंताजनक रूप से कम रहा। यहां सामान्य 1226.6 मिलीमीटर के मुकाबले अब तक केवल 675.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यानी जिले में सामान्य से 45 फीसदी कम बारिश हुई।
अन्य जिलों की बात करें तो चंपावत में सामान्य से 26 फीसदी, नैनीताल में 20 फीसदी, उत्तरकाशी में 14 फीसदी, रुद्रप्रयाग में 7 फीसदी और देहरादून में 3 फीसदी कम बारिश हुई है।
वहीं पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में बारिश सामान्य के आसपास रही।
सितंबर के बाकी दिनों में भी बदल सकते हैं आंकड़े
मौसम विभाग के अनुसार सितंबर के शेष दिनों में प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने हुए हैं। ऐसे में मानसून की विदाई से पहले बारिश के आंकड़ों में कुछ और बदलाव हो सकता है।
फिलहाल मौसम के बदलते मिजाज से साफ है कि उत्तराखंड में मानसून का दौर अंतिम चरण में पहुंच चुका है। दिन में तेज धूप और रात में बढ़ती ठंड आने वाले दिनों में मौसम के और करवट लेने के संकेत दे रही है।


