देहरादून: उत्तराखंड में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला और अन्य खाद्य उत्पादों पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश के तहत इन उत्पादों की बिक्री के साथ-साथ इनके निर्माण, भंडारण और वितरण पर भी रोक रहेगी।
13 अक्टूबर से लागू हुआ प्रतिबंध
जारी आदेश के अनुसार, प्रतिबंध 13 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गया है और अगले एक वर्ष तक लागू रहेगा। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बन्धन) विनियम, 2011 के प्रावधानों के तहत की गई है।
इस आदेश के दायरे में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला तथा अन्य संबंधित खाद्य उत्पाद शामिल हैं। इनके निर्माण से लेकर बाजार में वितरण और बिक्री तक पर रोक लागू होगी।
जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
आदेश में कहा गया है कि खाद्य उत्पादों में तंबाकू और निकोटिन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। इसके बावजूद गुटखा और पान मसाला जैसे उत्पादों में इनका उपयोग किए जाने की बात सामने आती रही है।
जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस कदम का उद्देश्य तंबाकू और निकोटिन युक्त खाद्य उत्पादों की उपलब्धता पर रोक लगाना है।
दुकानदारों और कारोबारियों पर भी लागू होगी रोक
प्रतिबंध केवल ग्राहकों को उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं है। इसके तहत संबंधित उत्पादों का निर्माण, भंडारण और वितरण भी प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे में इन उत्पादों से जुड़े कारोबारियों और विक्रेताओं को आदेश के प्रावधानों का पालन करना होगा।






