- अपनों की प्रताड़ना से टूटे बुजुर्ग, न्याय की आस में पहुंचे समाधान दिवस
- 92 शिकायतों में बुजुर्गों की संपत्ति हड़पने, मारपीट, पेंशन, भूमि विवाद और आर्थिक सहायता के मामले प्रमुख
देहरादून, 12 अक्टूबर।नीरज उत्तराखंडी
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सोमवार को आयोजित समाधान दिवस में अपनों की प्रताड़ना झेल रहे बुजुर्गों की पीड़ा प्रमुखता से सामने आई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 92 शिकायतें दर्ज हुईं।
इनमें बुजुर्गों की संपत्ति हड़पने, मारपीट, पारिवारिक उत्पीड़न, पेंशन में देरी, भूमि विवाद, अवैध कब्जे और आर्थिक सहायता से जुड़े मामले शामिल रहे। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
89 वर्षीय बुजुर्ग ने बेटे पर लगाए गंभीर आरोप
समाधान दिवस में 89 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक राजन सूद ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने गिफ्ट डीड के माध्यम से धोखे से उनकी पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली। व्यवसाय शुरू करने के लिए देखभाल का भरोसा देकर उनके खाते से 15 लाख रुपये भी ले लिए गए।
अब देखभाल करने के बजाय उनके साथ मारपीट की जा रही है और उन्हें घर से बेघर करने का प्रयास किया जा रहा है। बुजुर्ग की शिकायत पर डीएम ने एसडीएम सदर को भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
सेलाकुई निवासी 68 वर्षीय शंभू प्रसाद ने पुत्री और दामाद पर संपत्ति हड़पने के इरादे से जबरन मकान में रहने तथा गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया। डीएम ने सीओ विकासनगर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जांझरा निवासी हुकम सिंह ने बड़े बेटे और बहू से प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की, जबकि 85 वर्षीय टेक बहादुर राणा ने दोनों बेटों और बहुओं से परेशान होकर उन्हें संपत्ति से बेदखल कराने की मांग की। दोनों मामलों में संबंधित क्षेत्राधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पेंशन में देरी पर डीएम नाराज
प्रेमा देवी ने पारिवारिक पेंशन रोके जाने की शिकायत की। डीएम ने मुख्य कोषाधिकारी को उसी दिन पेंशन की धनराशि खाते में हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन के मामलों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
अनाथ बच्चों की पढ़ाई और इलाज के लिए मदद की गुहार
जनसुनवाई में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की समस्याएं भी सामने आईं। श्यामपुर निवासी विधवा उषा ने बताया कि पति, पुत्र और बहू के निधन के बाद वह अपने अनाथ पोते-पोतियों का पालन-पोषण कर रही हैं। आर्थिक संकट के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
मालदेवता निवासी सहाय रमोला ने कैंसर से पति की मृत्यु के बाद दो छोटे बच्चों के भरण-पोषण में आ रही कठिनाइयों को बताया। वहीं भुड्डी निवासी महताब अली ने मस्तिष्क संबंधी बीमारी के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की।
भूमि विवाद और अवैध कब्जे पर भी कार्रवाई
बालावाला निवासी मीना देवी ने आरोप लगाया कि करीब दस वर्ष पहले एक प्रॉपर्टी डीलर ने गलत खसरा नंबर की भूमि दिखाकर उन्हें 451.67 वर्गमीटर जमीन बेच दी। अब न जमीन मिल रही है और न धनराशि वापस की जा रही है। डीएम के निर्देश पर मामले में लैंड फ्रॉड के तहत कार्रवाई कराई गई।
डालनवाला निवासी रणवीर सिंह की भूमि पर पड़ोसी द्वारा अवैध कब्जा कर दीवार बनाने की शिकायत पर एसडीएम को जांच के निर्देश दिए गए। विकासनगर के सिहनीवाला निवासी नारायण सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्ग-72 के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की, जिस पर संबंधित अधिकारियों को जांच कर निस्तारण के निर्देश दिए गए।
अजबपुर कलां में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायत पर जिला आबकारी अधिकारी को तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। शास्त्रीनगर के निवासियों ने आवासीय क्षेत्र में शराब, मीट और मछली की दुकानों, सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण तथा अवैध निर्माण की शिकायत रखी। डीएम ने अपर जिलाधिकारी को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
हर माह जारी हों बिजली-पानी के बिल
डीएम ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का मौके पर सत्यापन कर वास्तविक स्थिति के आधार पर निस्तारण करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि बिजली और पानी के बिल दो-तीन माह बाद एक साथ भेजने के बजाय हर माह नियमित रूप से जारी किए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं पर एकमुश्त आर्थिक बोझ न पड़े।
उन्होंने पेंशनरों को समय पर सामाजिक एवं पारिवारिक पेंशन उपलब्ध कराने, स्ट्रीट लाइट और सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने तथा आपदा से संबंधित कार्य गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।
डीएम ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए संबंधित विभागों को धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। उन्होंने ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन और जनसुविधाओं से संबंधित लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, जवाबदेही और समयबद्धता प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है।
जनसुनवाई में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।






