Dehradun MDDA Action: देहरादून में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने कार्रवाई तेज कर दी है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशों पर चलाए जा रहे अभियान के तहत धर्मपुर और कॉवली में दो अवैध बहुमंजिला भवनों को सील किया गया, जबकि सेलाकुई के कल्याणपुर और न्यू हाईवे क्षेत्र में करीब 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृति निर्माण और प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
बंशीधर तिवारी के निर्देश पर अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध अभियान जारी रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नियोजित विकास और बेहतर शहरी व्यवस्था के विजन के अनुरूप अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी।
उपाध्यक्ष के अनुसार, प्राधिकरण का उद्देश्य केवल अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना भी है। नियमों की अनदेखी कर निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
धर्मपुर और कॉवली में दो बहुमंजिला भवन सील
एमडीडीए की टीम ने देहरादून के दो स्थानों पर बिना आवश्यक स्वीकृति किए जा रहे बहुमंजिला निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की।
- प्रगति विहार, धर्मपुर: लेन नंबर छह में किए जा रहे अवैध निर्माण को सील किया गया।
- मानसरोवर कॉलोनी, कॉवली: यहां बिना आवश्यक स्वीकृति किए जा रहे बहुमंजिला निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आवश्यक स्वीकृति के बिना या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जाने वाले निर्माणों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सेलाकुई में 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान के दौरान सेलाकुई क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई। शिमला बाईपास स्थित न्यू हाईवे क्षेत्र के कल्याणपुर में करीब 10 बीघा भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इसके अलावा न्यू हाईवे, सेलाकुई में लगभग 10 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही दूसरी प्लॉटिंग के खिलाफ भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
इस तरह दोनों स्थानों पर कुल करीब 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान एमडीडीए के संबंधित अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहे।
जमीन खरीदने से पहले स्वीकृति की जांच जरूरी
एमडीडीए ने आमजन से अपील की है कि जमीन या भूखंड खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और संबंधित विभागों से मिली स्वीकृतियों की जांच जरूर करें। बिना स्वीकृति विकसित की जाने वाली कॉलोनियों में सड़क, जल निकासी, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी कहा कि शिकायतों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग के मामलों में कार्रवाई की जा रही है। भवन निर्माण या भूखंड विकसित करने से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां लेना जरूरी है।
एमडीडीए का कहना है कि अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। ऐसे में भवन निर्माण करने वाले लोगों और जमीन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए संबंधित स्वीकृतियों की जांच करना महत्वपूर्ण है।






