एक्सक्लूसिव : 48633.90 करोड़ का बजट पेश। यह हैं महत्वपूर्ण तथ्य

वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विचारधारा का उदाहरण देते हुए सदन में बजट पेश किया और केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही विशेष सहायताओं का आभार प्रकट करते हुए सरकार द्वारा की जा रही विशेष उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बजट पढ़कर सुनाया। बजट भाषण पढ़ते पढ़ते वित्त मंत्री प्रकाश पंत को बीच में चक्कर आ गए इसके बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगे का भाषण पढ़ा और फिर बजट सत्र बुधवार तक के लिए स्थगित हो गया।

जानते हैं बजट की मुख्य बातें

कृषि उद्यानिकी एवं सहकारिता

कृषि ,किसान, पशुपालन और उद्यान की स्वास्थ्य आदि पर सरकार का विशेष फोकस रहा। किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 450 करोड़ रुपए किसानों के खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर किया जाएगा। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत ₹50करोड़ का प्रावधान किया गया है और 5लाख तक की ऋण को शून्य ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा।

फसल बीमा के अंतर्गत पहाड़ी फसलों का भी बीमा किया जाएगा। इसमें पिथौरागढ़ और पौड़ी में विशेष फोकस रखा जाएगा।

संकल्प से सिद्धि तथा 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लिए 100 करोड रुपए का प्रावधान रोजगार सृजन जैसे कामों के लिए रखा गया है।

उद्यान बीमा योजना के लिए ₹20करोड़ का प्रावधान है और जैविक चाय की खेती को बढ़ाने के लिए 17 करोड रुपए का रखा गया है।

औद्योगिक विकास

वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि दिसंबर 2018 तक 3117 करोड़ की परियोजनाओं सहित कुल 9010 करोड़ की 78 परियोजनाओं पर काम किया गया है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग को बढ़ाने के लिए विशेष कार्य किया जाएगा।

कृषि एवं उद्यानिकी में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि रोजगार सृजन कार्यक्रम के अधीन महिलाओं को रोजगार और उद्यमी बनाने के उद्देश्य से लघु और सूक्ष्म उद्योगों के अंतर्गत 193 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है।

खनन से 750 करोड रुपए के राजस्व का लक्ष्य रखा गया है।

पशुपालन डेयरी विकास और मत्स्य पालन

पशुओं के रोगों के निदान के लिए 5.80 करोड रुपए प्रस्तावित हैं।

स्वदेशी नस्ल के पशु को बढ़ावा दिया जाने का काम किया जाएगा और पशुओं के चारे आदि के परिवहन हेतु 5 करोड रुपए प्रस्तावित किए गए हैं।

मत्स्य पालन के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं में 44.27 करोड रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है। ग्रामीण क्षेत्रों में हैचरी की स्थापना के लिए 486. 999 के प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए हैं। आजीविका सुधार परियोजना के अंतर्गत 175 करोड रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है।

ग्राम्य विकास पंचायती राज

प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए ग्रामीण पंचायतों में अब्दुल कलाम ग्राम बदलाव योजना शुरू की जा रही है। ग्राम पंचायतों के लिए 441.22 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है जो पिछले साल की तुलना में 34% अधिक है।

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत 30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग के अंतर्गत कुल 3141.34 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सिंचाई एवं पेयजल 

नहरों के निर्माण के लिए 121 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अर्ध नगरीय क्षेत्रों में 35 क्षेत्रों के लिए 975 करोड़ रुपए विश्व बैंक से स्वीकृत कराए गये हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के लिए 10 9.40 करोड़ का प्रावधान किया गया है और नाबार्ड के अंतर्गत 180 करोड़ रुपए का प्रावधान है। भारत मिशन योजना के अंतर्गत खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए 202 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

नमामि गंगे योजना के अंतर्गत 19 परियोजनाओं के लिए 945.21 करोड रुपए और विभिन्न स्थानों पर 21 स्नान घाट और 21 श्मशान घाट के निर्माण के लिए 171.45 करोड रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

वन एवं पर्यावरण 

बहुउद्देशीय वृक्षारोपण के लिए 41.21 करोड रुपए प्रस्तावित हैं।

चाल खाल और जल कुंड आदि बनाने के लिए पहली बार 228 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। जंगलों से को आग से रक्षा करने के लिए ₹210करोड़ का प्रावधान किया गया है एक दिवस के लिए 30 करोड़ लीटर जल संचय के कार्य और 30लाख पौधों का रोपण भी प्रस्तावित है। वन एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत कुल 1036.4 6 करोड़ प्रस्तावित है।

समाज कल्याण महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास

महिला सशक्तिकरण एवं बाल कल्याण हेतु वन 111 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

नंदा गौरी योजना के लिए ₹75करोड़ प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के लिए ₹10करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सप्ताह में 2 दिन दूध उपलब्ध कराया जाएगा।

कुपोषित बच्चों के पोषण के लिए ₹10करोड़  का प्रावधान किया गया है यह पिछली बार से 5 गुना अधिक है।

आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण और अन्य  के लिए 7 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है किशोरी बालिका योजना के लिए ₹15करोड़ का प्रावधान है।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा

राज्य के परिवारों को बेहतर चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने के लिए अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना शुरू की गई है इसमें 5लाख तक का उपचार निशुल्क है। इसके लिए 150 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। 425 नए चिकित्सकों का चयन किया गया है। मेडिकल कॉलेजों के लिए लगभग 119  करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा के अंतर्गत 2545.40 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

विद्यालय शिक्षा उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए सर्व शिक्षा रमसा एवं अध्यापक प्रशिक्षण के लिए 1073 करोड़ की व्यवस्था की गई है।

बालिका शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए ₹16करोड़ का प्रावधान किया गया है। एनसीसी अकादमी की भी स्थापना करना सरकार के बजट में है।

19 पॉलिटेक्निक संस्थाओं का निर्माण कार्य चल रहा है प्राइमरी में पोषाहार सहायता के लिए 186 करोड़ का प्रावधान है।

छात्रावासों के निर्माण के लिए नाबार्ड से ₹20करोड़  का प्रावधान किया गया है। रूसा के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में भवन निर्माण के लिए ₹20करोड़  का प्रस्ताव है। विद्यालयी शिक्षा के लिए 602. 6 3 करोड़ रुपए और उच्च शिक्षा विभाग के लिए 548 .37करोड़  का प्रावधान किया गया है।

श्रम कौशल विकास एवं सेवायोजन

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत युवाओं को प्रशिक्षण के आंकड़े बताने के साथ ही प्रकाश पंत ने बताया कि राज्य कौशल विकास योजना के अंतर्गत कुल 67 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

श्रम एवं सेवायोजन के अंतर्गत कुल 394.54 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

पर्यटन कला एवं संस्कृति

पर्यटन नीति 2018 अधिसूचित कर दी गई है। केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य की लिए केदारनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट की भी स्थापना की गई है। रास्तों की मरम्मत के लिए ₹46करोड़  की धनराशि स्वीकृत की गई है। चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। होमस्टे के लिए 11.5करोड़ रखे गए हैं।

प्रकाश पंत ने सदन ने बताया कि इन्वेस्टर सम्मिट 2018 में पर्यटन के विभिन्न क्षेत्रों में पूंजी निवेश के लिए 15388 करोड़ के 150 एमओयू हस्ताक्षर किए गए हैं।

परिवहन एवं नागरिक उड्डयन

राज्य सड़क सुरक्षा नीति बनाई गई है। इसके लिए ₹14करोड़  का प्रावधान किया गया है। राज्य के वृद्ध अशक्त जन और छात्राओं की परिवहन की निशुल्क व्यवस्था के लिए ₹33.63. करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है ।

देहरादून पंतनगर व पिथौरागढ़ हेतु सस्ती सेवाएं आरंभ की गई है। देहरादून देश के 23 शहरों से हवाई सेवा के माध्यम से जुड़ चुका है टिहरी झील में सी प्लेन उतारने की योजना भी तैयार हो चुकी है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति

राशन कार्ड धारकों को ऑनलाइन बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन के उपरांत खाद्यान्न उपलब्ध होगा।इससे कालाबाजारी खत्म होगी इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए 5 करोड़ रुपए की धनराशि का प्रावधान किया गया है।

ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा

दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत अब तक 94 अविद्युतिकृत राजस्व गांवो और 3763 मजरों का विद्युतीकरण किया जा चुका है। 71 साल बाद घेस जैसे सीमांत गांव में भी बिजली पहुंचाई जा चुकी है।

ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियां बताते हुए वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने भविष्य की संभावनाओं का भी खाका खींचा और चीड़ की पत्तियों से 100 मेगावाट क्षमता की विद्युत उत्पादन इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य बताया।

सड़क एवं सेतु

वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में 852 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। 1040 किलोमीटर मार्गों का पुनर्निर्माण और मरम्मत की जाएगी ।80 पुलों का निर्माण किया जाएगा। 155 गांव को जोड़ा जाएगा और 15 किलोमीटर लंबाई में मार्गों का नवीनीकरण कार्य किया जाएगा। यह पिछले वर्ष की तुलना में 2 गुना है।

वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए 200 पुल बनाने की परियोजना तैयार की जा रही है। इसमें चालू योजना के अंतर्गत 450 करोड़ और नाबार्ड के अंतर्गत 360 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

आवास एवं शहरी विकास

सरकार ने 1872 ईडब्ल्यूएस भवनों के निर्माण की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त कर दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत इकाई 90 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

शहरी क्षेत्रों में विभिन्न मूलभूत सुविधाओं के निर्माण के लिए अमृत योजना के अंतर्गत 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

स्मार्ट सिटी विकसित करने के लिए 160 करोड रुपए प्रस्तावित किया गया है। शहरी निकायों में व्यवस्था के लिए 770.39 करोड का बजट प्रावधान किया गया है। यह पिछले बार से लगभग 29.31% अधिक है।

14वें वित्त आयोग से इस बार 195.79 करोड़ की धनराशि भारत सरकार से प्राप्त होने की संभावना है। मेट्रो ट्रेन के निर्माण आदि के लिए ₹50करोड़  प्रस्तावित किए गए हैं।शहरी विकास और आवास के लिए 1425. 6 4 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

खेल एवं युवा कल्याण

38 वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा मिलाकर ₹72.10 का प्रावधान है। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम हल्द्वानी के शेष निर्माण कार्यों के लिए 44 करोड प्रस्तावित हैं।इस विभाग में कुल 166 .33 करोड पर प्रस्तावित है।

सूचना प्रौद्योगिकी

सूचना प्रौद्योगिकी में नेटवर्क के विस्तार के लिए और अपग्रेडेशन के लिए 25 करोड रुपए का प्रावधान है।

वित्त एवं वाणिज्य कर

ई स्टांप योजना शुरू की गई है और जीएसटी की परिधि से बाहर रखी वस्तुओं से दिसंबर 2018 तक 1348 .62 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।

आपदा प्रबंधन

आपदा संबंधी कार्यों के लिए सिंचाई विभाग के अंतर्गत 8 करोड़ रुपए पेयजल के लिए चार करोड़ और लोक निर्माण के अंतर्गत 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। आपदा प्रबंधन के अंतर्गत विश्व बैंक से 700 करोड रुपए की परियोजना पर सहमति प्राप्त हो गई है। इसमें 72 करोड़ की लागत से एसडीआरएफ का भवन बनाया जाएगा।

गृह एवं आंतरिक सुरक्षा

गृहविभाग में वाहनों की तरह के लिए 7.42 करोड़ का प्रावधान किया गया है और आवासीय भवनों के लिए 19 करोड़ का प्रावधान है। पुलिस और जेल के अंतर्गत कुल वन 967 . 0 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2019-20 के आय-व्ययक अनुमानों के प्रमुख आकड़ों का उल्लेख।

वर्ष 2019-20 में कुल प्राप्तियाँ रू 48679.43 करोड़ अनुमानित हैं जिसमें

रू38955.49 करोड़ राजस्व प्राप्तियाँ तथा रू9723.94 करोड़ पूंजीगत प्राप्तियाँ सम्मिलित

वित्तीय वर्ष 2019-20 में राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व रू0 23622.11 करोड़ है।

जिसमें केन्द्रीय करों में राज्य का अंश रू 8885.26 करोड़ सम्मिलित है।

राज्य के स्वयं के स्रोतों से कुल अनुमानित राजस्व प्राप्ति रू0 18991.66 करोड़ में

कर राजस्व  14736.85 करोड़ तथा करेत्तर राजस्व रू 4254.81 करोड़ अनुमानित है।

व्यय :

वर्ष 2019-20 में ऋणों के प्रतिदान पर रू 287631 करोड़ब्याज की अदायगी के

रूप में रू 5332.19 करोड़राज्य कर्मचारियों के वेतन-भत्तों आदि पर लगभग

ग0 13840.00 करोड़सहायता प्राप्त शिक्षण व अन्य संस्थाओं के शिक्षकों/कर्मचारियों के

वेतन भत्तों के रूप में लगभग रू 1173.80 करोडपेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों के

रूप में रू 5942.69 करोड़ व्यय अनुमानित है।

विध्यालयी शिक्षा के लिए 7642 करोड़

स्वास्थ्य विभाग के लिए 2545 करोड़ रुपए बजट में प्रावधान

विद्यालय शिक्षा के लिए 7642.63 करोड का बजट में प्रावधान है

उच्च शिक्षा के लिए 548.37 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

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