पालिका  घोटाले पर पर्दा डालने की तैयारी

सभासदों की जांच समिति की रिपोर्ट मे घपले की पुष्टि। जांच रिपोर्ट पर कार्यवाही न होने पर सभासदों ने दी एक सप्ताह बाद अनशन की चेतावनी। पालिका सभासद की जांच समिति की रिपोर्ट पर पालिका अध्यक्ष कर रही टालमटोल। एडीएम की जांच रिपोर्ट में भी घपले की पुष्टि के बाद डीएम ने शहरी विकास विभाग को कार्यवाही के लिए भेजी रिपोर्ट। खड़ी गाड़ी पी गयी तेल, खड़ी गाड़ी मंे होता रहा मरम्मत का खेल, रिपोर्ट पर कोई भी कार्यवाही करने को नहीं तैयार

गिरीश गैरोला/ उत्तरकाशी

उत्तरकाशी मे बड़ाहाट नगरपालिका घोटालों का अड्डा बनकर रह गयी है। आरटीआई मंे सूचना के मिलने के बाद सभासदांे की जांच समिति में घोटाले की पुष्टि के बाद पालिका अध्यक्ष ने कार्यवाही नहीं की। वहीं इसी प्रकरण में छात्र नेता अमरीकन पुरी के तीन दिन के आमरण अनशन के बाद डीएम उत्तरकाशी डा. आशीष कुमार द्वारा एडीएम को दी गयी उच्च स्तरीय जांच समिति मे भी घोटाले की पुष्टि हुई, किंतु डीएम ने रिपोर्ट शहरी विकास विभाग को भेज कर अपना सरदर्द दूर कर लिया। इस बीच इन जांच रिपोर्टों की गति से बखूबी परिचित पालिका कर्मियों की दिनचर्या मे कहीं कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। पूर्व की तरह धड़ल्ले से निजी हित के कार्यो को बखूबी अंजाम दिया जा रहा है और सक्षम अधिकारी बिल्ली के गले मे घंटी बांधने से बचने के बहाने तलाश कर रहे हैं।
दरअसल नगर में आने-जाने की सुविधा को देखते हुए पालिका द्वारा दो सिटी बस चलाई गयी थी। एक दुर्घटना के बाद सिटी बस डीएम आवास के पीछे खड़ी कर दी गयी थी, किन्तु इस दौरान भी बस मंे मरम्मत कार्य दिखाया गया और बस डीजल भी लगातार पीती रही।
आरटीआई में मिली सूचना के बाद जल्दबाजी में लॉगबुक एक ही रात मंे एक ही व्यक्ति द्वारा भरकर गुनाह छुपाने का प्रयास हुआ, किन्तु जांच समिति की निगाहों मे फिर भी कई सबूत आ ही गए। सभासदों की जांच समिति की रिपोर्ट पर कार्यवाही की बात करने वाली नगरपालिका अध्यक्ष जयेंद्री राणा कहती हैं कि इसी मामले मंे डीएम द्वारा एडीएम स्तर की जांच रिपोर्ट पर कार्यवाही शहरी विकास विभाग द्वारा होनी ही है तो डीएम भी इस जांच रिपोर्ट को शहरी विकास विभाग को कार्यवाही के लिए भेजने की बात करते हैं। लगता है बिल्ली के गले मंे घंटी बांधने को कोई तैयार नहीं है।
सभासद भूदेव कुड़ियाल और अरविंद उनियाल कि जांच रिपोर्ट में साफ कहा गया है लॉगबुक में 3 मार्च 2016 से गाड़ी खड़ी दिखाई गयी। 19.08.16 को मरम्मत पर 2,96,600 रु. खर्च दिखाये गए, जबकि इसके बाद गाड़ी एक भी किमी. नहीं चली।

वहां यूके 10पीए 0020 बस की मरम्मत के लिए 21. 6.16 को कोटेसन लिए गए, 19.08.16 मरम्मत की गयी, जबकि भुगतान 17.08. को ही हो गया। 13 जुलाई को गाड़ी ठीक थी, जबकि लॉगबुक के अनुसार इस दौरान गाड़ी खराब ही नहीं हुई।
इतना ही नहीं 6932 किमी. गाड़ी बिना चालक के ही सड़क पर दौड़ती रही। वहीं पालिका द्वारा बिना टिन नंबर वाली संस्था से टायर खरीदे गए, लेकिन ये स्पष्ट नहीं हुआ कि कौन से वहां के लिए खरीदे गए।
गौरतलब है कि रिपोर्ट के अनुसार ट्राक्टर पिछले काफी समय से खराब है और गाड़ियों में पुराने टायर ही लगे हैं। गाड़ियों के टायर बदलने और कूड़ादान रिपेयर में 12 लाख खर्च किए गए हैं। पालिका बोर्ड द्वारा रिपेयर के लिए की गयी संस्तुति से पहले की तिथि पर कूड़ेदान रिपेयर करा दिये गए। 29 जून को पालिका सभासदों की जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट अध्यक्ष को सौंप दी थी, जिस पर कार्यवाही के लिए भी अब यह आंदोलन की दरकार है।
पालिका सभासस्द भूदेव कुड़ियाल और अरविंद उनियाल ने एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट पर कार्यवाही न होने पर अनशन की चेतावनी दी है।

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