प्रवासियों की पीड़ा-1 : खतरे में भेड़ बकरियों की तरह लाए जा रहे हैं प्रवासी

कमल जगाती, नैनीताल

उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा में प्रशासन ने बाहरी क्षेत्रों से लौटकर प्रवासी उत्तराखंडियों को गाड़ियों में ठूंस दिया। किच्छा और बाजपुर की पॉजिटिव घटनाओं के बाद संक्रमण को रोकने के लिए उत्तराखण्ड में प्रशासन बिल्कुल भी संजीदा नहीं दिखाई दे रहा है।

देखिए वीडियो 1

https://youtu.be/D3cIk3N8Iu0

उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा में इनदिनों बाहरी क्षेत्रों से हजारों लोग लौटकर आ रहे हैं। आज दोपहर में जब उत्तराखण्ड रोडवेज की बसें बाहरी राज्यों से उत्तराखंडियों को लेकर पहुँची। बस के अंदर एक बड़ी प्रशासनिक चूक देखने को मिली। प्रशासन ने एक ही बस में 40 से 45 प्रवासियों को नजदीक नजदीक बैठाकर, उनके घरों को भेजा।

देखिए वीडियो 2

https://youtu.be/SVvQBVfmLc0

 

नियमों के अनुसार बस में सोशियल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए लोगों को थोड़ी बहुत दूरी पर बैठाना था। अब तक ढाई हजार से भी ज्यादा लोग दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, राजस्थान आदि रेड जोनों से अपने घरों को लौटकर आ चुके हैं। बाहरी व्यक्ति के उत्तरकाशी पहुंचकर पॉजिटिव पाए जाने के बाद सनसनी फैल गई थी। अब बाहरी लोगों के इस तरह आकर बीमारी फैलाने की आशंका का डर बन गया है।
प्रशासन की इस बड़ी चूक के बाद अब ऐसे में उधम सिंह नगर जिले के कोरोना वॉरियर टीम के जैसे ही पहाड़ में लापरवाही की जाएगी तो यहां भी कोरोना तेजी से फैल जाएगा। कोरोना काल में घर लौटे प्रवासियों ने कहना कि अगर ऐसी ही व्यवस्था रही तो यहां अचानक कोरोना बड़ी संख्या में फैल जाएगा। यात्रियों ने सरकार की तमाम खामियां गिनाई।

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