एक हफ्ता, तीन जनहित याचिका और हिल गई सरकार। महाराज को भी नोटिस

देहरादून। पत्रकार समाजसेवी उमेश कुमार ने जनहित में मुद्दों पर उत्तराखंड सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ बिगुल फूंक रखा है। अपने चिर-परिचित आक्रामक रुख से सरकार की नींद उड़ा रखी है।
जनहित याचिका-1

उत्तर प्रदेश में बाहुबली विधायक को पास आवंटन मामले में जनहित याचिका दाखिल कर कार्यवाही की मांग की थी। हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, गृह सचिव और डीजीपी सहित 21 लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
जनहित याचिका-2
हवाई जहाज से यात्रा कर उत्तराखंड आ रहे प्रवासियों को पेड क्वारंंटीन में रुकवा कर सरकार 1500-2000 प्रतिदिन वसूल रही थी। इस मामले में उमेश कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने सरकार को फटकार लगाई थी और नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।


जनहित याचिका-3
सरकार ने उत्तरकाशी के युवक के खिलाफ संक्रमण फैलाने के आरोप में धारा 307 यानी हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। कुछ दिन पहले कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज पर संक्रमण फैलाने के आरोप लगे थे। इस मामले पर प्रदेशभर में उबाल आ गया था। उमेश कुमार ने जनहित याचिका दाखिल कर सरकार पर आरोप लगाए थे कि सरकार दोहरा रवैया अपना रही है। आम आदमी जो अपने जीवन की जंग लड़ रहा है, उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा और मंत्री पर मेहरबानी से सवाल उठ रहे हैं।
हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीर माना और सतपाल महाराज और सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
प्रवासियों को वापिस लाने की मुहिम छेड़कर सरकार झुकाने से लेकर जनहित के मुद्दे पर उमेश कुमार लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं।

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