ग्रामसभा की तस्वीर बदलने का इस महिला प्रधान ने उठाया बीड़ा

विजेंद्र राणा
जाखणीधार। टिहरी जनपद के जाखणीधार ब्लॉक के ग्राम पंचायत पिपोला (ढ़ुंग) की ग्राम प्रधान शोभा बडोनी ने अपनी ग्रामसभा की तस्वीर बदलने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में वह प्रदेश सरकार की तमाम योजनाओं को अपनी ग्रामसभावासियों तक पहुंचाने के प्रयास में जुटी हुई हैं। वह लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड नई टिहरी द्वारा सड़क निर्माण में हीलाहवाली पर भी नजर बनाए हुए हैं।
ग्राम पंचायत पिपोला ढुग में प्रधान ग्राम पंचायत पिपोला शोभा बडोनी, जो कि पूर्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रह चुकी हैं, के द्वारा वर्ष 2017 से लगातार घोंटी पुल से पिपोला गांव तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए प्रयास किया जा रहा था, जो कि विधायक शक्ति लाल शाह द्वारा फरवरी 2019 में स्वीकृत करवाई गई। जिसमें उनके द्वारा विभाग को धनराशि भी अवमुक्त करवा दी गई थी। विभाग द्वारा एक बार सर्वे भी करवाया गया और अंत में विभाग द्वारा शासन की सड़क निर्माण नीति का हवाला देकर सड़क निर्माण के लिए मना कर दिया गया।
यह सड़क ग्राम पंचायत पिपोला ढंुग की लाइफ लाइन सिद्ध हो सकती थी, लेकिन विभाग सड़क निर्माण के लिए तैयार नहीं है। सड़क की लंबाई मात्र एक किलोमीटर है, जो कि हमारी मानकों में नहीं है। साथ ही विभाग द्वारा यह भी तर्क दिया जा रहा है कि गांव पहले से ही मुख्य सड़क से जुड़ा हुआ है, जो कि गलत है। टिहरी मुख्यालय की सड़क से गांव की सड़क पर जाने के लिए 6 किलोमीटर की सड़क की दूरी तय करनी पड़ती है। पूर्व में निर्मित सड़क घनसाली-प्रतापनगर सड़क से जुड़ी हुई है, जो कि ग्रामवासियों को किसी भी प्रकार से लाभान्वित नहीं करती। घोंटी पुल से पिपोला गांव तक सड़क निर्माण नितांत आवश्यक है। एक किलोमीटर सड़क बनने पर पूरा गांव मुख्य सड़क मार्ग टिहरी ऋषिकेश से जुड़ जाएगा। ऐसे में जनहित में यह सड़क अत्यंत आवश्यक है।
इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय पिपोला में वर्षों से सुरक्षा रेलिंग नहीं थी। ग्राम प्रधान ने जब यह समस्या देखी तो उन्होंने प्राथमिकता से इसे दूर करवा दिया। स्कूल में शौचालय निर्माण भी हो गया। यही नहीं नामे तोक से गाड़ नामे तोक तक जन धन और पशुओं की सुरक्षा के लिए 80 मीटर रेलिंग का निर्माण 14वें वित्त से किया गया है। इसके अलावा 20 पशु शेड बनकर तैयार हो गया है।
ग्राम प्रधान शोभा बडोनी की अपनी ग्रामसभा के प्रति सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने अल्प कार्यकाल में कई समस्याओं का समाधान करने में सफल रही हैं। यही नहीं कोरोनाकाल में भी वह अपने ग्राम पंचायत वासियों के बीच लगातार सक्रिय रही।
यही नहीं उन्होंने गूल बनवाकर खेती को सिंचित का संकल्प भी लिया है। यही कारण है कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता के लिए वह क्षेत्रवासियों की काफी पसंदीदा बन चुकी हैं।

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