सरकारी योजना में भी बेटियों संग पहाड़-मैदान का भेदभाव
रिपोर्ट- पंकज कपूर
उत्तराखंड पहाड़ की एक बिटिया मानसिक रूप से कमजोर है और आर्थिक रूप से भी कमजोर परिवार से आती है। दुर्भाग्यवश वह 12वीं पास नहीं कर सकी। लिहाजा बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना के द्वारा उसको मिले हुए 2,850 रुपए सीएसडी का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
वर्ष 2013 में बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत साईकल योजना शुरू हुई थी, जिसमे कक्षा 8th पास करने पर 2,850 रुपये की धनराशि प्रत्येक छात्रा को आवंटित होती है।
यहाँ भी पहाड़ की बेटियों के साथ भेदभाव और अन्याय हो रहा है। क्योंकि साइकिल योजना के तहत मैदानी क्षेत्रों के जिलों में बालिकाओं को class 9th में 2,850 रूपये साईकल खरीदने के लिए मिल जाते हैं, चाहे वो बालिका 9th में ही स्कूल छोड़ दे।
जबकि पहाड़ी स्कूलों में बालिकाओं की 2,850 rs की FD बनाई जाती है और उसका भुगतान केवल 12th pass करने पर ही हो पाता है। कई बालिकाएं 10th, 11th ही पास कर पाती है और इस योजना के लाभ से वंचित हो जाती हैं। जबकि मैदानी क्षेत्रों की बालिकाएं लाभान्वित हो जाती हैं।
इस तरह बालिकाओं की F.D का लाखों रुपया बैंको में पड़ा हुआ है।
दरअसल 19 मार्च 2013 को बाल विकास सचिव ने पहाड़ की छात्राओं के लिए यह आदेश जारी किया था कि, उनको इस धन का भुगतान 12वीं पास करने के बाद ही उपलब्ध कराया जाएगा।
हालांकि मैदानी क्षेत्रों के लिए स्कूल छोड़ने पर यह व्यवस्था लागू थी कि, लाभ लेने के बाद यदि कोई स्कूल छोड़ देती है तो उसे साइकिल की स्थिति के अनुसार भुगतान राजकीय कोष में जमा करना होगा, हालांकि कोई ऐसा करता नहीं और ना ही अधिकारी रिकवरी करते हैं।




