उत्तराखंड में सरकारी चिकित्सकों के 39 प्रतिशत पद खाली

उत्तराखंड में सरकारी चिकित्सकों के 39 प्रतिशत पद खाली

● 69 विदेशी चिकित्सा शिक्षा धारक, 400 संविदा चिकित्सक हैैं कार्यरत
● सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय से उपलब्ध करायी सूचना से हुआ खुलासा

त्तराखंड में कोरोना काल में भी चिकित्सा अधिकारियों के 1072 पद खाली है, जो कुल स्वीकृत 2735 पदोें के 39 प्रतिशत से अधिक है। यह खुलासा महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तराखंड कार्यालय द्वारा सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को उपलब्ध करायी गयी सूचना सेे हुआ। काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने उत्तराखंड के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेेशालय केे लोेक सूचना अधिकारी से उत्तराखंड में चिकित्सा अधिकारियों के पदों तथा उस पर कार्य कर रहे विदेशी डिग्री धारक चिकित्सकों की सूचना मांगी थी। इसके उत्तर में स्वास्थ्य महानिदेशालय के लोेक सूचना अधिकारी/संयुक्त निदेशक (प्रशा) राजीव सिंह पाल ने अपने पत्रांक 2240 दिनांक 11 अगस्त 2020 से सूचना उपलब्ध करायी है।

नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार उत्तराखंड में चिकित्सा अधिकारियों के कुल 2735 स्वीकृत पद हैै, जिसमें से 1072 पद रिक्त है तथा 1663 कार्यरत पदों की संख्या हैै। सूचना के अनुसार 116 चिकित्सा अधिकारी ऐसे भी हैै जो लम्बेे समय से अनुपस्थित चल रहे है तथा 04 चिकित्सा अधिकारी नगर निगमों में नगर स्वास्थ्य अधिकारी व अन्य पदों पर भी प्रदेश में कार्यरत हैं। नदीम को उपलब्ध सूचना केे अनुसार 01 जनवरी 2018 से अगस्त 2020 तक लगभग ढाई वर्ष के समय में 573 चिकित्सा अधिकारियों की लम्बे समय से अनुपस्थित रहने व अन्य कारणों से सेवायें भी समाप्त की गयी हैै। इसके अतिरिक्त 01 जनवरी 2011 से अगस्त 2020 तक लगभग 10 वर्षों में 137 चिकित्सा अधिकारियों ने सेवा से त्यागपत्र दिया हैै व वीआरएस भी लिया है।

नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार एक अत्यंत चौंकाने वाली जानकारी सामने आयीे है। इसके अनुसार उत्तराखंड में कार्यरत 68 चिकित्सा अधिकारी ऐेसेे हैै जिन्होेंने विदेशी विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस किया हैै, लेकिन उनमें से 42 चिकित्सा अधिकारियोें ने विदेेशी मेडिकल शिक्षा की गुणवता व ऐसेे डिग्री धारकों की योग्यता जांचने केे लिये अनिवार्य स्क्रीनिंग टेस्ट एफएमजीआई (फारेन मेडिकल ग्रैजुएट एक्जाम) पास नहीं किया है। केवल 27 चिकित्साधिकारियों ने ही स्क्रीनिंग टेेस्ट पास किया हैै। एफएमजीई परीक्षा पास किये बिना उत्तराखंड की सरकारी सेवा में शामिल चिकित्सा अधिकारी उत्तराखंड के 12 जिलों के अस्पतालोें व स्वास्थ्य केन्द्रों व कार्यालयों में सेवायें कर रहे है।

नदीम को उपलब्ध स्क्रीनिंग टेस्ट (एफ.एम.जी.ई.) परीक्षा पास किये बगैैर विदेशो से एमबीबीएस चिकित्सा अधिकारियों में 5 अल्मोड़ा जिले, 2 बागेश्वर, 1 चमोली, 2 चम्पावत, 8 देहरादून, 3 हरिद्वार, 3 नैनीताल, 3पिथौैरागढ़, 8 पौैड़ी, 2 टिहरी, 2 उधमसिंह नगर, 2 उत्तरकाशी जिलो में कार्यरत हैं। एक चिकित्सा अधिकारी का तैनाती स्थान सूचना में अंकित नहीं किया गया हैै। अल्मोेड़ा जिलेे में कार्यरत 5 चिकित्सा अधिकारियों में 1 अस्पताल, 2 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रोें तथा 2 समुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैैनात हैं। बागेश्वर में 1 सीएमओ कार्यालय तथा 1 प्रा.स्वा. केन्द्र में तैनात है।

चमोली में 1 अस्पताल में, चम्पावत में 2 प्रा०स्वा० केन्द्रोें में, देहरादून जिले में 3 स्वास्थ्य महानिदेशालय, 1 सी.एम.ओ. कार्यालय, 3 प्रथामिक स्वा० केन्द्रोें, 2 अस्पतालों में तैनात हैैं। हरिद्वार में 2 अस्पतालों तथा 1 प्रा०स्वा० केन्द में तैैनात हैै। नैैनीतात जिले में 3 अस्पतालो में तैैनात हैै। पिथौैरागढ़ में 2 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रोें तथा 1 प्रा०स्वा० केन्द्र में, पौैड़ी जिले में 5 जिले केे अस्पताल 3 प्रा० स्वा० केन्द्रों में तैनात है। टिहरी जिले में 2 समुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उधमसिंह नगर जिले के 1 अस्पताल में तथा 1 प्रा०स्वा० केंद्र में तथा उत्तरकाशी जिले के 2 ऐसेे चिकित्सा अधिकारी अस्पतालों में तैनात हैै।

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts