आजीविका ठप: लंबे समय से बारिश न होने से खेतों में सूखने लगी हैं मटर की फलियां,भारी नुकसान का अंदेशा

रिपोर्ट/नीरज उत्तराखंडी  पुरोला  रवांई घाटी के रामा सिराईं ,कमल सिरांई क्षेत्र में विगत डेढ़ माह से बारिश न होने के कारण मटर की फसल खेतों में ही सूखने की कगार पर पहुंच गई है| जिससे किसानों को भारी नुकसान का अंदेशा है।  क्षेत्र के किसान संगठन ने गुरुवार को उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी को ज्ञापन […]

रिपोर्ट/नीरज उत्तराखंडी 

पुरोला

 रवांई घाटी के रामा सिराईं ,कमल सिरांई क्षेत्र में विगत डेढ़ माह से बारिश न होने के कारण मटर की फसल खेतों में ही सूखने की कगार पर पहुंच गई है| जिससे किसानों को भारी नुकसान का अंदेशा है।

 क्षेत्र के किसान संगठन ने गुरुवार को उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी को ज्ञापन देकर सूखे से मटर फसल को हो रहे नुकसान का मुआयना करने की मांग की है।

    किसानों ने कहा कि, रवांई क्षेत्र के रामा सिराईं व कमल सिरांई के किसानों की आजीविका का मुख्य साधन मटर,टमाटर, बीन,गोभी, शिमलामिर्च आदि है|आज कल क्षेत्र में मटर की फसल की तुड़ान का कार्य शुरू हो गया है| किंतु बिगत डेढ माह से बारिश न होने के कारण मटर की फल्लियाँ खेतों में ही सूखने लग गई हैं। जिससे किसानों को भारी नुकसान होने का अंदेशा है।

      ज्ञापन में कहा गया है कि, क्षेत्र के अधिकांश किसानों ने बीज व खाद के लिए बैंकों से ऋण लिया है व कई किसानों ने सहारनपुर,देहरादून व विकास नगर के आढ़तियों से बीज-खाद उधार ले रखा है|किंतु अब मटर की फसल अगर बर्बाद हो जाये तो किसानों के सामने रोजी-रोटी के साथ ही बैंकों व आढ़तियों का ऋण देने की दिक्कत पैदा हो गई है|ज्ञापन में मटर फसल सूखने व नुकसान का मुआयना कर मुआवजा देने की मांग की गई है। 

   ज्ञापन देने वालों में श्यालिकराम नौटियाल, सूर्यप्रकाश,राजेश कुमार, संतलाल, बिजेंद्रमणी, धीरपाल, सूरतिया,हरीश कुमार, शैलेंद्र भंडारी,सकल चंद,भरत राम, चैन सिंह,जवाहर सिंह, किसन सिंह,मनवीर सिंह,गबर सिंह व भरत सिंह समेत दर्जनों किसान थे।

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