उत्तराखंड जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर नियमों को ताक पर रखकर जनता मौत का खेल खेल रही है। न उन्हें अपने स्वास्थ्य की कोई चिंता है न किसी और के !
पिछले दो तीन महीने से जौलीग्रांट एयरपोर्ट से यात्रा करने वालों को कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी जरूरी थी। जिनके पास रिपोर्ट नहीं होती उनका एंटीजन टेस्ट वही पर किया जा रहा था।
अब जब से लॉकडाउन हुआ है, आदेशों के अनुसार एयरपोर्ट जाने वाले प्रत्येक यात्री को एक फॉर्म भी भरना पड़ता है। जिसमे वो अपनी जरूरी जानकारी देते है। जिससे अनावशयक भीड़ एकत्र हो रही है।
साथ ही वहां कर्मचारियों को न मास्क दिए गए न कोई और सुरक्षा एयरपोर्ट या प्रशासन की तरफ से दी जा रही है।
उत्तराखंड में रोज कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे है। मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। फिर भी जनता खुद ही अनावश्यक भीड़ लगाकर कोरोना को बढ़ावा दे रही है।
साथ ही प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान जाता नहीं दिख रहा है।




