बड़ी खबर : स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ के अभाव में धूल फांक रही करोड़ों की मशीने।

हरिद्वार महाकुंभ के लिए सात करोड़ में खरीदी गई एमआरआई मशीन को स्वास्थ्य विभाग एक साल बाद भी संचालित नहीं करा पाया है। 

मेला समाप्त होने के 10 माह बाद हरीद्वार पहुंची मशीन अब ट्रेंड रेडियोलॉजिस्ट न होने की वजह से नहीं चल पा रही है । इसके बाद अब टेली रेडियोलॉजी के जरिए मशीन को चलाने की तैयारी की जा रही है। 

पिछले साल हरिद्वार में संपन्न हुए महाकुंभ के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक एमआरआई मशीन आनन-फानन में क्रय की थी,लेकिन अब मशीन आने के बाद उसे संचालित तक प्राइवेट हाथों से करवाया जा रहा है।

इससे पता चलता है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कितनी गंभीरता के साथ उपकरणों का क्या कर रहे हैं। दरअसल हरिद्वार कुंभ मेले में लगी विवादित एम.आर.आई मशीन अब एक बार फिर चर्चाओं का केंद्र बनती जा रही है।

स्वास्थ्य महानिदेशक ने कहा कि मशीन को संचालित करने के लिए ट्रेंड स्टाफ की जरूरत होती है,जिसको एनएचएम द्वारा अधिकृत की गई कंपनी के माध्यम से अब संचालित कराया जाएगा।

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