खुलासा : दरोगा जावेद और मीनाक्षी ने सत्तर हजार लेकर मुकदमा किया रफा दफा। फिर से मिली मलाईदार पोस्टिंग

रिपोर्ट:सुशील खत्री

पिथौरागढ़ के कनालीछीना में तैनाती के दौरान दरोगा जावेद हसन और मीनाक्षी देव ने एक मुकदमे को रफा दफा करने के नाम पर आरोपी से 70,000 रुपए अपने खाते में ले लिए। 

जब शिकायतकर्ता ने उच्च अधिकारियों से मुकदमे को रफादफा किए जाने को लेकर शिकायत की तब जाकर उच्च अधिकारी हरकत में आए और मीनाक्षी देव ने खाते में ट्रांसफर धन को आरोपी  के खाते में वापस कर दिया।

इस मामले को लेकर इनके खिलाफ परिंदा प्रविष्टि की गई लेकिन एक बार फिर से इनकी पोस्टिंग अपराध के लिए कुख्यात क्षेत्र में कर दी गई है ।

जावेद हसन वर्तमान में चंडाक चौकी प्रभारी है और मीनाक्षी देव बलवाकोट की चौकी प्रभारी बनाई गई है।

चांकाक और बलवाकोट के क्षेत्र दोनों अवैध लकड़ी के कटान और अवैध खनन को लेकर चर्चा में रहते हैं। गौर तलब है कि चौकी प्रभारी जावेद हसन क्षेत्र में और भी कई मामलों को लेकर चर्चा में हैं लेकिन डर के मारे कोई मुंह नहीं खोल रहा।

यह था मामला:

कनालीछीना के निवासी उमेश कुमार ने हरियाणा निवासी अनिल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था कि उनकी बेटियों के खिलाफ अनिल सिंह गाली गलौज कर रहा है और उनकी बेटियों के बारे में नंगी फोटो फेसबुक पर डालने की धमकी दे रहा है।

इसको लेकर पहले अनिल कुमार और ममता देवी के खिलाफ 328, 498, 506,504 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था लेकिन बाद में ₹70,000 लेकर 328 और 498 की धाराएं हटा दी गई और ममता देवी का नाम भी विवेचना के दौरान हटा दिया गया।

2 जुलाई 2023 को मीनाक्षी देव के खाते में अनिल कुमार द्वारा 70000 रुपए लिए जाने की पुलिसिया जांच में भी पुष्टि हुई है।जब इस पर बवाल हुआ तो 4 जुलाई को मीनाक्षी देव ने यह पैसे अनिल कुमार के खाते में वापस भेज दिए। इसकी भी जांच में पुष्टि हुई है। 

8 अगस्त 2023 को उच्च अधिकारियों को प्रेषित पुलिस उपाधीक्षक ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि थाना अध्यक्ष द्वारा अपने पद का दुरुपयोग किया गया।

इस संबंध में कुमाऊं कमिश्नर ने भी 18 जून 2024 को रिपोर्ट तलब की थी और नैनीताल परिक्षेत्र के उपमहानिरीक्षक ने भी 19 जुलाई 2024 को रिपोर्ट तलब की थी।

 इसके अलावा आईटी एक्ट की धाराओं में भी अनिल कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके दोनों में चार्जशीट न्यायालय में भेजी जा चुकी है। 

बड़ा सवाल यह है कि मुकदमा रफा दफा करने के लिए 70000 रुपए खाते में लेने जैसे मामले में इन रिश्वतखोर दरोगा मात्र परिंदा प्रविष्टि देकर अब फिर से मलाईदार पोस्टिंग दे दी गई है। जबकि सूत्रों के अनुसार रिश्वत देने वाले अनिल कुमार और दोनों पुलिस कर्मियों की टेलीफोन पर 36 बार वार्ता हुई है ।

इसके बाद एक बार फिर से इनको चंडाक और बलवाकोट जैसी पुलिस चौकियां थमा दी गई है जो पहले से ही अवैध खनन और अवैध काटन के लिए चर्चित रहती हैं।

 जब तक इस तरह के दरोगा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक अपराधी प्रवृत्ति के पुलिस कर्मियों को शह मिलती रहेगी और मित्र पुलिस की छवि खराब होती रहेगी।

गौर तलब है कि धारचूला के विधायक हरीश धामी ने भी विधानसभा में पुलिस पर यह आरोप लगाया है कि उनकी विधानसभा में पुलिस युवाओं को झूठे मुकदमों में फंसाने का काम कर रही है।

 उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि उनकी बात झूठी निकली तो वह विधायकी से इस्तीफा दे देंगे।

पिथौरागढ़ में पुलिस पर इस तरह के सवाल यदि सदन में ही माननीय विधायक गण उठाएंगे तो फिर यह बात साफ हो जाती है कि मित्र पुलिस को अपनी छवि दुरुस्त करने के लिए अभी काफी काम करना है।

 

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