उत्तराखंड जल संस्थान संविदा श्रमिक संघ शाखा देवप्रयाग ने पूर्व में हुई बैठक के समझौते पर अमल न होने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 फरवरी तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तो वे 11 फरवरी से आंदोलन शुरू करेंगे।
अधिशासी अभियंता को सौंपा ज्ञापन
संविदा श्रमिक संघ के अध्यक्ष सुनील गैरोला, सचिव जी.एन. गोस्वामी और कोषाध्यक्ष बीर सिंह डबोला ने उत्तराखंड जल संस्थान देवप्रयाग के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी को जल संस्थान के अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में संविदा श्रमिक संघ और पर्वतीय ठेकेदार संघ के बीच बैठक हुई थी। बैठक में जो समझौता हुआ था, उस पर अब तक अमल नहीं किया गया है।
समझौते का पालन न होने से श्रमिकों में असंतोष
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार बार-बार श्रमिकों को गुमराह कर रहा है और पेयजल योजनाओं में कार्यरत पंप ऑपरेटर सहित अन्य श्रमिकों को पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा है। साथ ही, ईपीएफ की राशि भी कम काटी जा रही है।
चार महीने से वेतन नहीं मिला, श्रमिकों को दिक्कतें
संविदा श्रमिक संघ ने आरोप लगाया कि ठेकेदार पिछले चार महीनों से वेतन का भुगतान नहीं कर रहा, जिससे श्रमिकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 फरवरी तक उनकी मांगों पर अमल नहीं हुआ, तो 11 फरवरी से अधिशासी अभियंता कार्यालय, जल संस्थान, देवप्रयाग में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
संविदा श्रमिकों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।




