एसजीआरआर विश्वविद्यालय में शिक्षकों के कल्याण और मानसिक चिंता कम करने पर इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन

देहरादून, 29 मई 2025 एसजीआरआर विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ (IQAC) और शिक्षा संकाय के संयुक्त तत्वावधान में पथरीबाग स्थित सभागार में “शिक्षकों के कल्याण एवं चिंता को कम करने” विषय पर एक विचारोत्तेजक इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य, कार्यस्थल पर संतुलन और उनके जीवन की […]

देहरादून, 29 मई 2025

एसजीआरआर विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ (IQAC) और शिक्षा संकाय के संयुक्त तत्वावधान में पथरीबाग स्थित सभागार में “शिक्षकों के कल्याण एवं चिंता को कम करने” विषय पर एक विचारोत्तेजक इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य, कार्यस्थल पर संतुलन और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने पर केंद्रित रहा।

दीप प्रज्वलन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत रजिस्ट्रार डॉ. लोकेश गंभीर, डॉ. पवन शर्मा एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. डॉ. मालविका कांडपाल द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर कुलपति प्रो. डॉ. कुमुद सकलानी ने कार्यक्रम की सफलता की कामना करते हुए कहा कि शिक्षकों का मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य विश्वविद्यालय की गुणवत्ता और छात्र शिक्षा में अहम भूमिका निभाता है।

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. पवन शर्मा का व्याख्यान

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, प्रसिद्ध मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. पवन शर्मा, जो साइकेडेलिक थेरेपी और मेंटल हेल्थ अवेयरनेस के क्षेत्र में अग्रणी माने जाते हैं, ने शिक्षकों की विशिष्ट चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रैक्टिकल टिप्स और स्ट्रैटेजीज साझा कीं।

उन्होंने बताया कि शिक्षकों को न केवल छात्रों को पढ़ाने बल्कि स्वयं की मानसिक स्थिति को संतुलित रखने की भी आवश्यकता होती है। डॉ. शर्मा ने सहानुभूतिपूर्ण कार्य वातावरण, सकारात्मक संवाद, और ध्यान तकनीकों (Mindfulness Practices) को अपनाने पर बल दिया।

श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज का मार्गदर्शन

यह सत्र विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज के पावन आशीर्वाद और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके सतत मार्गदर्शन को समग्र विकास और शिक्षकों के कल्याण का मूल स्तंभ बताया।

कार्यक्रम का उद्देश्य और प्रभाव

यह आयोजन मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक प्रभावशाली पहल रहा, जिसने शिक्षकों को अपने मानसिक तनाव को समझने और नियंत्रित करने के लिए व्यावहारिक समाधान प्रदान किए। सत्र के अंत में शिक्षकों ने इसे बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।

 

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