उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। बदरीनाथ हाईवे पर गौचर तलधारी के पास भारी बारिश के चलते पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने से मार्ग बंद हो गया है। सुबह-सुबह हुई इस घटना में वहां से गुजर रहे लोग बाल-बाल बच गए। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
इसके साथ ही कर्णप्रयाग-नेनीसैंण मोटर मार्ग पर भी आईटीआई से करीब 500 मीटर आगे एक चट्टान टूटकर सड़क पर आ गिरी, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। मार्ग बंद होने से कपीरीपट्टी के लोगों को अब डिम्मर-सिमली होते हुए कर्णप्रयाग पहुंचना पड़ रहा है।
मौसम विभाग का रेड और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंहनगर में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट लागू है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन जिलों में जलभराव, भूस्खलन, और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और पर्वतीय क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा पर
हरिद्वार में भारी बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह से हो रही बारिश के चलते गंगा का जलस्तर 292.90 मीटर तक पहुंच गया है, जो चेतावनी रेखा 293 मीटर से महज 10 सेंटीमीटर कम है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गंगा घाट खाली कराए और किनारे बसे लोगों को सतर्क किया गया है।
राज्य में बाढ़ राहत चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश प्रशासन अलर्ट मोड पर है। गंगा के जलस्तर पर पल-पल नजर रखी जा रही है।
प्रशासन और बचाव टीमें सतर्क
राज्य के विभिन्न हिस्सों में एनएच विभाग, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासनिक टीमें सक्रिय रूप से मलबा हटाने और मार्ग सुचारू करने में जुटी हैं।




