देहरादून, 2025।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच वर्षों से लंबित परिसंपत्ति और दायित्व बंटवारे को लेकर तेजी दिखाते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में यूपी-उत्तराखंड के बीच अवशेष आस्तियों और दायित्वों से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में पूर्व में दोनों राज्यों के बीच सहमति बन चुकी है, उनकी प्रगति की समीक्षा की जाए और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से संपर्क कर जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि वर्षों से लंबित परिसंपत्ति और वित्तीय मुद्दों का स्थायी समाधान निकाला जाए।
सीएम धामी ने जानकारी दी कि वे शीघ्र ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे, ताकि शेष मामलों पर भी शीर्ष स्तर पर सहमति बनाकर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
अब तक किन मुद्दों का हुआ समाधान?
- वाटर स्पोर्ट्स को दी गई अनुमति:
सीएम स्तर की पिछली बैठक के बाद उधमसिंहनगर और हरिद्वार जिलों में स्थित जलाशयों/नहरों में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की अनुमति दी जा चुकी है। - बिजली बिल का भुगतान:
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा 57.87 करोड़ रुपये की विद्युत देयता का भुगतान कर दिया गया है। - मत्स्य निगम का भुगतान:
उत्तर प्रदेश मत्स्य निगम ने उत्तराखंड मत्स्य पालन विकास अभिकरण को 3.98 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया है। - वन विकास निगम को आंशिक भुगतान:
उत्तराखंड वन विकास निगम को देय राशि का आंशिक भुगतान किया जा चुका है। - परिवहन निगम को बकाया राशि का भुगतान:
दोनों राज्यों के बीच परिवहन निगम से जुड़ी शेष राशि का निस्तारण भी किया गया है। - आवास विकास परिषद की परिसंपत्तियों पर निर्णय:
आवास विभाग के अंतर्गत आवास विकास परिषद की परिसंपत्तियों के निस्तारण को लेकर भी सहमति बन गई है।
आगे की रणनीति
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मामलों में प्रक्रियाएं धीमी हैं, उन्हें प्राथमिकता से पूरा किया जाए और संवाद के माध्यम से हर बिंदु पर स्पष्टता लाई जाए। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में इन मामलों का निष्पादन राज्यहित में आवश्यक है।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. नीरज खेरवाल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




