बड़ी खबर: 70 करोड़ की जमीन फर्जीवाड़े में हरक सिंह रावत, पत्नी और सहयोगियों पर चार्जशीट दाखिल

📍 देहरादून | जुलाई 2025 उत्तराखंड की राजनीति के चर्चित चेहरे और पूर्व वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सहसपुर क्षेत्र में 70 करोड़ रुपये की जमीन घोटाले में हरक सिंह रावत, उनकी पत्नी दीप्ति रावत और नजदीकी सहयोगियों के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट […]

📍 देहरादून | जुलाई 2025

उत्तराखंड की राजनीति के चर्चित चेहरे और पूर्व वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सहसपुर क्षेत्र में 70 करोड़ रुपये की जमीन घोटाले में हरक सिंह रावत, उनकी पत्नी दीप्ति रावत और नजदीकी सहयोगियों के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट (विशेष न्यायालय) में चार्जशीट दाखिल कर दी है।


⚖️ इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई चार्जशीट

ईडी की देहरादून शाखा द्वारा दाखिल अभियोजन शिकायत में जिन नामों को आरोपी बनाया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत
  • उनकी पत्नी दीप्ति रावत
  • करीबी सहयोगी बीरेंद्र सिंह कंडारी
  • पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा
  • श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट

बता दें कि हरक सिंह रावत पूर्व में भाजपा सरकार में वन मंत्री थे, लेकिन अब वह भाजपा से नाता तोड़कर दोबारा कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।


🏢 फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से जमीन हस्तांतरण का आरोप

ईडी की जांच में सामने आया है कि हरक सिंह रावत, उनके करीबी बीरेंद्र सिंह कंडारी और अन्य ने मिलकर सहसपुर स्थित जमीन की दो फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी (POA) पंजीकृत कराई थी। जबकि न्यायालय ने पहले ही उक्त भूमि के विक्रय विलेख रद्द कर दिए थे, फिर भी इसे दीप्ति रावत और लक्ष्मी राणा को बेचे जाने की फर्जीबाड़ा प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।

इस विवादित भूमि पर फिलहाल दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (DIMS) का संचालन हो रहा है, जिसका प्रबंधन हरक सिंह रावत के पुत्र तुषित रावत के पास है।


🧾 2025 में हुई थी संपत्ति अटैच, अब चार्जशीट के बाद नई मुश्किलें

इस पूरे घोटाले में करीब 101 बीघा जमीन को जनवरी 2025 में ईडी द्वारा प्रवर्तन के अंतर्गत अटैच कर दिया गया था। अब विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल हो जाने से हरक सिंह रावत और उनके परिजनों की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।


🌲 कार्बेट में अवैध कटान और निर्माण केस में भी जांच जारी

गौरतलब है कि हरक सिंह रावत इससे पहले भी कॉर्बेट नेशनल पार्क में अवैध पेड़ कटान और अनधिकृत निर्माण के मामले में ईडी और सीबीआई की जांच के दायरे में हैं। इस मामले में कई वरिष्ठ वन अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।

सीबीआई ने जांच के दौरान अधिकारियों किशन चंद, बृज बिहारी शर्मा समेत कई अन्य अधिकारियों और उनके परिजनों की करोड़ों की संपत्तियों को कुर्क और अटैच किया है।

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