देहरादून, 29 जुलाई 2025: अगर आपका भी पोस्ट ऑफिस में कोई बचत खाता है और आप पिछले तीन साल से उसमें कोई लेनदेन नहीं कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। डाक विभाग ने अब ऐसे खातों को लेकर नया नियम लागू किया है। इसके तहत जो पोस्ट ऑफिस अकाउंट्स लगातार 3 साल तक निष्क्रिय रहेंगे, उन्हें फ्रीज यानी बंद कर दिया जाएगा।
तो अगर आपने पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाया है, तो उसमें समय-समय पर लेनदेन करते रहें। निष्क्रियता आपके लिए परेशानी का कारण बन सकती है। अब से 3 साल तक बिना किसी गतिविधि के आपका खाता स्वतः फ्रीज हो जाएगा और उसे एक्टिव करने के लिए आपको अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
✅ किन खातों पर लागू होगा नया नियम?
पोस्ट ऑफिस द्वारा चलाई जा रही कई सेविंग स्कीमें जैसे—
- NSC (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट)
- SCSS (सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम)
- KVP (किसान विकास पत्र)
- MIS (मंथली इनकम स्कीम)
- TD (टाइम डिपॉजिट)
- RD (रेक्यूरिंग डिपॉजिट)
इन सभी स्कीमों के अंतर्गत अगर कोई अकाउंट मैच्योर हो चुका है और फिर भी खाताधारक ने 3 साल तक ना तो उसे बंद कराया और ना ही एक्सटेंड किया है, तो वह खाता स्वतः फ्रीज कर दिया जाएगा।
📆 साल में दो बार होंगे अकाउंट फ्रीज
पोस्ट ऑफिस साल में दो बार सभी निष्क्रिय खातों की जांच करेगा। यदि पाया गया कि किसी अकाउंट में 3 वर्षों से कोई गतिविधि नहीं हुई है, तो उस खाते को फ्रीज कर दिया जाएगा।
🚫 अकाउंट फ्रीज होने पर क्या होगा नुकसान?
- ऐसे खातों में कोई भी ट्रांजेक्शन नहीं किया जा सकेगा।
- खाताधारक ब्याज का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
- अन्य डाक सेवाएं भी सीमित हो जाएंगी।
यह नियम सभी बचत योजनाओं पर समान रूप से लागू होगा। इसका उद्देश्य निष्क्रिय खातों की संख्या को नियंत्रित करना और सक्रिय ग्राहकों को बेहतर सेवा देना है।
✅ कैसे दोबारा एक्टिव करें पोस्ट ऑफिस अकाउंट?
अगर आपका अकाउंट फ्रीज हो गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो कर इसे फिर से चालू कर सकते हैं:
- नजदीकी पोस्ट ऑफिस जाएं।
- KYC दस्तावेज (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) साथ ले जाएं।
- फॉर्म SB-7A भरें (यह फॉर्म पोस्ट ऑफिस में उपलब्ध होगा)।
- भरे हुए फॉर्म और दस्तावेजों को डाक कर्मचारी को जमा करें।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपका खाता फिर से एक्टिवेट कर दिया जाएगा।
📢 पोस्ट ऑफिस का संदेश:
डाक विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि यह नियम ग्राहकों की सुरक्षा और सिस्टम की पारदर्शिता के लिए आवश्यक है। ऐसे ग्राहक जो लंबे समय तक अपने खातों को नजरअंदाज कर देते हैं, उनके खातों को ट्रैक कर फ्रीज करना सिस्टम को सुचारु बनाए रखने में सहायक है।



