देहरादून। सामुदायिक सेवा के सराहनीय उदाहरण में सरदार भगवान सिंह विश्वविद्यालय (एसबीएसयू) ने श्री महंत इंद्रेश अस्पताल के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य रक्त बैंक के भंडार को बढ़ाना और जरूरतमंद मरीजों की सहायता करना था।
शिविर का शुभारंभ एसबीएसयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) जे. कुमार, चिकित्सक डॉ. दीक्षा और श्री महंत इंद्रेश अस्पताल के रक्त बैंक समन्वयक अमित चंद्रा ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) गौरवदीप सिंह ने अस्पताल की टीम का स्वागत करते हुए कहा कि यह सहयोग जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कुलपति प्रो. कुमार ने कहा, “रक्तदान सबसे निस्वार्थ कार्य है, जो जरूरतमंदों को जीवन का दूसरा मौका देता है।” वहीं, डॉ. दीक्षा ने रक्तदाताओं के उत्साह की सराहना करते हुए बताया कि “आज दान की गई प्रत्येक यूनिट तीन लोगों की जान बचा सकती है।”
अस्पताल की डॉक्टरों, नर्सों और तकनीशियनों की टीम ने सभी दानदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन किया। साथ ही, एसबीएसयू के एनएसएस और रोटारैक्ट क्लब के स्वयंसेवकों ने पंजीकरण और देखभाल में अहम भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रक्त यूनिट एकत्र हुए, जिससे देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के लिए श्री महंत इंद्रेश अस्पताल का ब्लड बैंक और अधिक सशक्त होगा।
एसबीएसयू की एनसीसी इकाई के सीनियर अंडर ऑफिसर्स संदीप कुमार और रेणु अधिकारी ने इस आयोजन को गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा देता है।
शिविर का संचालन डॉ. पूजा नौडियाल, श्री मनोज ढडवाल और डॉ. कार्तिक उनियाल ने किया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे अभियानों को नियमित रूप से आयोजित कर विश्वविद्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य और कल्याण में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा।



