वस्तु एवं सेवा कर (GST) में आज से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के बाद नई जीएसटी दरें 22 सितंबर से प्रभावी हो गई हैं। इन बदलावों से जीवन बीमा, हेल्थ इंश्योरेंस, दवाइयों, दूध, फेस पाउडर, शैंपू जैसी कई रोजमर्रा की वस्तुएं और सेवाएं सस्ती हो गई हैं।
नई GST दरें 2025 का सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं और मध्यम वर्ग को मिलेगा। बीमा पॉलिसी टैक्स-फ्री होने, दवाओं और दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती होने से त्योहारी सीजन में बाजार में खरीदारी की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
जानिए GST 2.0 के बड़े बदलाव
1. जीवन बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी से राहत
अब सभी व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियों पर GST नहीं लगेगा। इससे आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
2. हेल्थ इंश्योरेंस भी हुआ टैक्स फ्री
नई दरों के अनुसार व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां भी जीएसटी से मुक्त हो गई हैं। इससे लोगों की जेब से टैक्स का बोझ कम होगा।
3. दवाइयां हुईं सस्ती
दवाओं को अब 5% वाले स्लैब में रखा गया है। हालांकि पूरी तरह से छूट नहीं दी गई है ताकि निर्माता ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ ले सकें।
4. दूध पर टैक्स व्यवस्था
डेयरी से प्राप्त UHT दूध पर पूरी तरह GST छूट होगी। लेकिन सोया दूध और अन्य प्लांट-बेस्ड मिल्क ड्रिंक्स पर 5% जीएसटी लगेगा।
5. फेस पाउडर और शैंपू होंगे सस्ते
दर कटौती से फेस पाउडर और शैंपू जैसी FMCG वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। मंत्रालय ने साफ किया है कि यह फैसला बड़ी कंपनियों के लिए नहीं बल्कि जीएसटी संरचना को सरल बनाने के लिए लिया गया है।
6. रेंट और लीज पर असर
किसी सामान को बिना ऑपरेटर किराए पर लेने या लीज पर देने पर वही GST दर लागू होगी जो उसकी बिक्री पर लागू होती है। जैसे कार की बिक्री पर 18% जीएसटी है तो बिना चालक कार किराए पर लेने पर भी 18% जीएसटी लगेगा।
7. आयात पर संशोधित दरें
IGST (Integrated GST) की नई दरें 22 सितंबर से आयात पर भी लागू होंगी। जब तक किसी वस्तु पर विशेष छूट अधिसूचित नहीं की जाती, नई दरें ही प्रभावी रहेंगी।
8. यात्री परिवहन पर कर
सड़क मार्ग से यात्री परिवहन पर 5% टैक्स (बिना ITC) जारी रहेगा। वहीं, हवाई यात्रा में इकोनॉमी क्लास पर 5% और बिजनेस क्लास पर 18% जीएसटी लागू रहेगा।
9. डिलीवरी सेवाओं पर जीएसटी
अगर स्थानीय डिलीवरी सेवाएं किसी अनरजिस्टर्ड प्रदाता द्वारा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से दी जा रही हैं तो अब GST की देयता ई-कॉमर्स ऑपरेटर पर होगी।
सरकार का कहना है कि नई दरों से उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ेगी, व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा और अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।



