Uttarakhand Weather: जानिए कब तक होगी बारिश! मौसम का पूरा हाल

देहरादून, अक्टूबर 2025:
उत्तराखंड के पहाड़ी जनपदों में आज फिर से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग (IMD Uttarakhand) ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश और गर्जन के साथ बौछारों का अलर्ट जारी किया है। वहीं, राज्य के अन्य जिलों में मौसम शुष्क (Dry Weather) रहने की संभावना जताई गई है।

10 अक्टूबर तक रह सकता है बारिश का असर

मौसम विभाग के अनुसार, 10 अक्टूबर तक राज्य के ऊंचे इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद आने वाले दिनों में आसमान साफ रहेगा और मौसम फिर से शुष्क होने की उम्मीद है।

बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में सीजन की पहली बर्फबारी

उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी हो चुकी है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में हुई बर्फबारी से पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर में ढक गया है। बर्फबारी से जहां पर्यटकों के चेहरे खिल उठे, वहीं स्थानीय व्यापारियों में भी खुशी की लहर है क्योंकि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

 सीमांत पिथौरागढ़ में बढ़ी ठंड

सीमांत जिला पिथौरागढ़ में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश से ठंड में जबरदस्त इजाफा हुआ है। मुनस्यारी, धारचूला और जोहार घाटी के इलाकों में तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
दारमा और व्यास घाटी, पंचाचूली, ओम पर्वत, ज्योलिंगकांग, सीपू और नाभीढांग जैसे क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है। इन चोटियों पर जमी बर्फ अब चांदी सी चमकती नजर आ रही है।

पहली बर्फबारी से खिले हिमालयी नज़ारे

नागिनीधुरा, रिलकोट, धारचूला की दारमा और व्यास घाटी में मौसम की पहली बर्फबारी हुई है। इसके चलते उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों का नज़ारा बेहद मनमोहक हो गया है।

जल्द थम सकता है बारिश-बर्फबारी का दौर

मौसम विभाग का अनुमान है कि 8 अक्टूबर के बाद बारिश और बर्फबारी में कमी आएगी। आने वाले 1–2 दिनों में लोगों को राहत मिलने की संभावना है। हालांकि आज के लिए कुछ जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

भारी बारिश से हुआ नुकसान

गौरतलब है कि इस साल मानसून के दौरान भारी बारिश ने उत्तराखंड में व्यापक तबाही मचाई थी। कई जिलों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और हादसों के कारण कई लोगों की जानें गईं। ऐसे में प्रशासन सतर्क है और लोगों को पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

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