उत्तराखंड में सशक्त लोकायुक्त की मांग, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने आमरण अनशन की घोषणा

उत्तराखंड में सशक्त लोकायुक्त के गठन की मांग को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने घोषणा की कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत व्यवस्था की मांग को लेकर पार्टी आमरण अनशन शुरू करेगी।   शिवप्रसाद सेमवाल ने बताया कि सामाजिक […]

उत्तराखंड में सशक्त लोकायुक्त के गठन की मांग को लेकर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने घोषणा की कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत व्यवस्था की मांग को लेकर पार्टी आमरण अनशन शुरू करेगी।

 

शिवप्रसाद सेमवाल ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे महाराष्ट्र के रालेगन सिद्धि में 30 जनवरी 2026 से लोकायुक्त अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठने जा रहे हैं। उनके इस आंदोलन का उद्देश्य जनहित में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

 

उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे पहले भी उत्तराखंड आकर लोकायुक्त की स्थापना की मांग उठा चुके हैं, लेकिन आज तक राज्य में लोकायुक्त का गठन नहीं हो पाया है। वर्ष 2014 में उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम पारित होने के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की है।

 

शिवप्रसाद सेमवाल ने बताया कि उत्तराखंड हाई कोर्ट कई बार राज्य सरकार को लोकायुक्त नियुक्त करने के निर्देश दे चुका है। मार्च 2023 में हाई कोर्ट ने लोकायुक्त संस्थान की स्थिति और गठन से अब तक हुए खर्च का विवरण मांगा था। इसके बाद जून 2023 में कोर्ट ने आठ सप्ताह के भीतर लोकायुक्त की नियुक्ति करने का आदेश दिया था। फरवरी 2025 में भी हाई कोर्ट ने नियुक्ति में हो रही देरी पर असंतोष जताते हुए राज्य सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए थे।

 

उन्होंने यह भी कहा कि लोकायुक्त के गठन को लेकर राज्य में कई आंदोलन और जनहित याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं, जिनमें हल्द्वानी निवासी रवि शंकर जोशी द्वारा दाखिल पीआईएल भी शामिल है। बावजूद इसके, सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

 

शिवप्रसाद सेमवाल के अनुसार लोकायुक्त कार्यालय पर प्रतिवर्ष लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये का खर्च हो रहा है, लेकिन लोकायुक्त की नियुक्ति न होने के कारण यह राशि व्यर्थ जा रही है। सरकार द्वारा बार-बार किए गए वादों के बावजूद क्रियान्वयन में लगातार देरी हो रही है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।

 

उन्होंने घोषणा की कि राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी अन्ना हजारे के आंदोलन के समर्थन में 30 जनवरी 2026 से उत्तराखंड में भी आमरण अनशन शुरू करेगी। इस आंदोलन में पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे, ताकि राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस मांग के समर्थन की अपील की।

 

प्रेस वार्ता में राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भगवती प्रसाद नौटियाल, केंद्रीय कार्यालय प्रभारी योगेश ईष्टवाल, प्रदेश प्रचार सचिव विनोद कोठियाल सहित दयाराम मनोरी, सुरेश शर्मा, जगदंबा बिष्ट, सुशीला पटवाल, शांति ठाकुर, रजनी कुकरेती समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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