पुरोला/उत्तरकाशी, 20 अगस्त।नीरज उत्तराखंडी
यमुना घाटी की पुरोला विधानसभा सीट पर मिशन-2027 को लेकर कांग्रेस संगठन ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। विधानसभा क्षेत्र के तीनों ब्लॉक स्तर पर अलग-अलग बैठकों का आयोजन कर पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन की स्थिति, आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और संभावित प्रत्याशी को लेकर राय ली गई। बैठकों में कार्यकर्ताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ टिकट को लेकर भी अपनी राय बेबाकी से रखी।
बैठकों में सबसे प्रमुख मुद्दा पार्टी टिकट का रहा। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस हाईकमान से लंबे समय से संगठन के लिए जमीन पर काम कर रहे मूल कांग्रेसियों को टिकट में प्राथमिकता देने की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि चुनाव के समय बाहर से आने वाले नेताओं अथवा तथाकथित ‘पैराशूट प्रत्याशियों’ के बजाय ऐसे कार्यकर्ता को मौका मिलना चाहिए, जो वर्षों से क्षेत्र में पार्टी के लिए सक्रिय रहा हो और जिसकी जनता के बीच मजबूत पकड़ हो।
पांच दावेदारों के नाम पर चर्चा
बैठकों के दौरान पुरोला विधानसभा सीट से कांग्रेस के पांच संभावित दावेदारों के नाम चर्चा में आए। इनमें कांग्रेस अनुसूचित विभाग उत्तराखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश चन्द, नगर पालिका अध्यक्ष पुरोला बिहारी लाल शाह, पूर्व प्रदेश सचिव एवं समन्वय प्रभारी हरिमोहन जुवांठा, मोहन लाल भुराटा और प्रकाश डबराल के नाम शामिल रहे। हालांकि पार्टी प्रत्याशी का अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान द्वारा ही किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि टिकट को लेकर दावेदारों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हाईकमान द्वारा जिस भी व्यक्ति को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया जाएगा, सभी दावेदार और कार्यकर्ता उसके पक्ष में एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरेंगे। पार्टी की अधिकृत लाइन से अलग जाकर संगठन को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की बात भी बैठकों में सामने आई।
व्यक्तिगत मतभेद से ऊपर संगठन को प्राथमिकता
जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश चौहान ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। संगठन की मजबूती तभी संभव है, जब सभी कार्यकर्ता व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर पार्टी हित में एकजुट होकर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा और संगठन को मजबूत करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। चुनावी तैयारियों के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाए रखते हुए गांव-गांव तक जनता से संवाद स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर
बैठकों में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान को गति देने पर भी चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं से गांव-गांव पहुंचकर जनता की समस्याओं और स्थानीय मुद्दों को समझने तथा उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों से जोड़ने का आह्वान किया गया।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि मिशन-2027 में कांग्रेस को मजबूत स्थिति में लाने के लिए केवल चुनाव के समय सक्रिय होने के बजाय अभी से संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करना होगा। इसके लिए बूथ कमेटियों को मजबूत करने, पुराने कार्यकर्ताओं को साथ जोड़ने और युवाओं को संगठन में जिम्मेदारी देने की जरूरत है।
टिकट से पहले एकजुटता की परीक्षा
पुरोला विधानसभा में संभावित दावेदारों के नाम सामने आने के बाद टिकट की दौड़ आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं। हालांकि बैठकों से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि टिकट की दावेदारी अपनी जगह है, लेकिन पार्टी का अंतिम निर्णय सर्वोपरि होगा।
कार्यकर्ताओं की ओर से मूल कांग्रेसियों को प्राथमिकता देने की मांग ने टिकट चयन को लेकर हाईकमान के सामने स्थानीय संगठन की अपेक्षाएं भी स्पष्ट कर दी हैं। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व जमीनी सक्रियता, संगठनात्मक अनुभव, जनसंपर्क और चुनावी समीकरणों में किसे प्राथमिकता देता है।
फिलहाल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मिशन-2027 के लिए एकजुट होकर मैदान में उतरने का दावा किया है। टिकट की अंतिम घोषणा भले ही हाईकमान के हाथ में हो, लेकिन पुरोला में संगठन की बैठकों से इतना साफ है कि टिकट के साथ-साथ संगठन की एकजुटता और जमीनी पकड़ को चुनावी रणनीति का प्रमुख आधार बनाया जा रहा है।


