गैस सिलेंडर की मारामारी के बाद अब बाजारों से इंडक्शन भी गायब

उत्तराखंड के बाजारों में हाल ही में कुकिंग उपकरणों की मांग में अचानक उछाल देखने को मिला है। विशेष रूप से इंडक्शन प्लेट्स के लिए ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है, जिससे कई दुकानों में यह उपकरण आउट ऑफ स्टॉक हो गया है। इस तेजी की मुख्य वजह ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के कारण गैस की आपूर्ति पर पड़ रहे प्रभाव को माना जा रहा है।

 

हालांकि वर्तमान में कमर्शियल गैस की सप्लाई कुछ बाधित है, वहीं डोमेस्टिक गैस की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में जारी है। इसके बावजूद, युद्ध की वजह से लोगों में चिंता की स्थिति बनी हुई है और वे वैकल्पिक कुकिंग विकल्प जुटाने में जुट गए हैं। इसमें मुख्य रूप से इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हे शामिल हैं।

 

बाजार में बढ़ी हुई डिमांड ने कोरोनाकाल की यादें ताजा कर दी हैं, जब लोगों ने आवश्यक वस्तुएं और दवाइयां स्टॉक करना शुरू किया था। इस समय भी लोग इसी तरह की तैयारी में जुटे हैं, हालांकि देश में एलपीजी और अन्य ईंधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

 

देहरादून के कई दुकानों में इंडक्शन स्टॉक खत्म हो चुका है, कुछ दुकानों में मात्र एक-दो यूनिट ही बचे हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी इंडक्शन कई जगहों पर आउट ऑफ स्टॉक दिख रहा है। कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है; पहले जो इंडक्शन 1,500 से 2,000 रुपये में उपलब्ध थे, वही अब 2,000 से 3,000 रुपये तक बिक रहे हैं।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के कारण वैश्विक गैस और ईंधन सप्लाई प्रभावित होने से लोगों में पैनिक जैसी स्थिति पैदा हो रही है। हालांकि वर्तमान में देश में गैस की कमी नहीं है और डोमेस्टिक कनेक्शन धारकों को पर्याप्त आपूर्ति मिल रही है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को अफवाहों से बचने की अपील की जा रही है।

 

बाजार की यह हलचल दर्शाती है कि वैश्विक घटनाओं का स्थानीय बाजारों पर भी सीधा असर पड़ सकता है, और लोग पहले से ही वैकल्पिक तैयारियों में जुट गए हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति का सामना कर सकें।

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