भालू का हमला: सड़क बंद, घायल ग्रामीण को कंधों पर ढोकर जखोल पहुंचाया

मोरी (उत्तरकाशी) | 14 अगस्त 2026 | नीरज उत्तराखंडी उत्तरकाशी जिले के विकासखंड मोरी से मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक चिंताजनक घटना सामने आई है। ग्राम फिताड़ी के बोहनी तोक में भालू के हमले में एक ग्रामीण घायल हो गया। सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण घायल को अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन […]

मोरी (उत्तरकाशी) | 14 अगस्त 2026 | नीरज उत्तराखंडी

उत्तरकाशी जिले के विकासखंड मोरी से मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक चिंताजनक घटना सामने आई है। ग्राम फिताड़ी के बोहनी तोक में भालू के हमले में एक ग्रामीण घायल हो गया। सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण घायल को अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया और उसे डंडी के सहारे पैदल जखोल तक लाना पड़ा।

घटना ने एक बार फिर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में बाधित सड़क संपर्क और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की कमजोर स्थिति को उजागर कर दिया है।

बोहनी तोक में हुआ भालू का हमला

ग्राम प्रधान कृष्ण सिंह राणा के अनुसार अनुरोध राणा पुत्र सिलदार सिंह, निवासी ग्राम फिताड़ी, बोहनी तोक क्षेत्र में मौजूद थे, तभी अचानक उन पर भालू ने हमला कर दिया। हमले में ग्रामीण घायल हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल को सुरक्षित स्थान पर लाने का प्रयास शुरू किया।

घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी था, लेकिन क्षेत्र का सड़क मार्ग अवरुद्ध होने के कारण वाहन वहां तक नहीं पहुंच सके। मजबूरी में ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से डंडी (कंधे पर उठाकर ले जाने की व्यवस्था) का सहारा लिया।

ग्रामीणों ने घायल अनुरोध राणा को कठिन पहाड़ी रास्तों से पैदल मुख्य सड़क मार्ग तक पहुंचाया और फिर डंडी के सहारे जखोल तक ले गए, जहां से आगे उपचार के लिए व्यवस्था की गई।

ग्रामीणों ने उठाए सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से सड़क संपर्क बाधित रहने की समस्या बनी हुई है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना बेहद कठिन हो जाता है।

ग्रामीणों ने बताया कि यदि सड़क मार्ग सुचारु होता तो घायल को अधिक तेजी से चिकित्सा सुविधा मिल सकती थी। इस घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा, स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था की गंभीर चुनौतियों को फिर सामने ला दिया है।

मोरी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ समय से भालू और अन्य वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ने की शिकायतें मिलती रही हैं। खेतों और जंगल से लगे बस्तियों में रहने वाले लोग लगातार डर के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि: प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए, वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए, ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी जागरूकता और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से फिताड़ी-जखोल सड़क मार्ग को शीघ्र बहाल करने, स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।

फिलहाल घायल ग्रामीण का उपचार जारी है और घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

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