भारत के प्रथम गांव माणा मे भारतीय मानक ब्यूरो(BIS) द्वारा आयोजित की गई मानक चौपाल।

बिजेंद्र राणा  भारत के प्रथम गाँव के रूप में विख्यात माणा गाँव, जो अपनी आध्यात्मिक विरासत, उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं एवं महाभारतकालीन पांडव कथाओं से जुड़ा हुआ है, वहीं से कुछ ही दूरी पर चारधामों में से एक बद्रीनाथ धाम स्थित है। वर्तमान में चल रही चारधाम यात्रा के अवसर पर, भारतीय मानक ब्यूरो […]

बिजेंद्र राणा 

भारत के प्रथम गाँव के रूप में विख्यात माणा गाँव, जो अपनी आध्यात्मिक विरासत, उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं एवं महाभारतकालीन पांडव कथाओं से जुड़ा हुआ है, वहीं से कुछ ही दूरी पर चारधामों में से एक बद्रीनाथ धाम स्थित है। वर्तमान में चल रही चारधाम यात्रा के अवसर पर, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा आज दिनांक 6 मई 2025 को मानक चौपाल का आयोजन माणा ग्राम में किया गया।
इस कार्यक्रम में भारतीय मानक ब्यूरो के शाखा प्रमुख श्री सौरभ तिवारी ने ग्रामीणों के साथ सहभागिता करते हुए ‘मानकीकरण’ के महत्व को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि गुणवत्ता युक्त जीवनशैली हेतु आईएसआई (ISI) चिह्नित उत्पादों का उपयोग आवश्यक है, जो उपभोक्ताओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं टिकाऊपन की दृष्टि से उपयुक्त होते हैं।
कार्यक्रम में सहायक निदेशक श्री सौरभ चौरसिया ने BIS Care App के उपयोग की जानकारी साझा की और बताया कि उपभोक्ता इस ऐप के माध्यम से उत्पादों की प्रमाणिकता की जांच, शिकायत पंजीकरण एवं मानकों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर श्री सर्वेश पवार एस पी चमोली एवं श्री विपेंद्र सिंह सर्कल ऑफिसर बद्रीनाथ मौजूद रहे , कार्यक्रम में माणा ग्राम प्रधान श्री पितांबर सिंह ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, एस पी चमोली श्री सर्वेश जी ने भारतीय मानक ब्यूरो के इस कार्यक्रम को बहुत सराहा उन्होंने कहा कि इतने दूरवर्ती क्षेत्र में ब्यूरो के अधिकारियों द्वारा इस तरह के कार्यक्रम किए जाना अत्यंत सराहनीय और आम जन के लिए अत्यंत उपयोगी है, और इस महत्वपूर्ण पहल हेतु भारतीय मानक ब्यूरो को धन्यवाद ज्ञापित किया। ग्राम की महिला मंगल दल की सदस्याओं सहित समस्त ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाया।
मानक चौपाल का उद्देश्य ग्रामवासियों को भारतीय मानकों की जानकारी देना, गुणवत्ता के प्रति जागरूक करना एवं उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करना रहा। ग्रामीणों ने दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले उत्पादों से संबंधित कई उपयोगी प्रश्न पूछे, जिनका BIS के अधिकारियों ने संतोषजनक उत्तर दिया।
माणा जैसे सीमांत और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र में आयोजित यह कार्यक्रम जन-जागरूकता की दिशा में एक प्रभावी कदम सिद्ध हुआ, जिससे स्थानीय व्यवसायियों, उपभोक्ताओं एवं यात्रियों को लाभ मिलेगा।

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