21 फरवरी से बोर्ड परीक्षा का महासंग्राम, 2 लाख से ज्यादा छात्र देंगे परीक्षा

देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। राज्यभर में इस बार कुल 2,16,109 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें हाईस्कूल के 1,12,660 और इंटरमीडिएट के 1,03,449 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शिक्षा विभाग ने परीक्षा संचालन को सुव्यवस्थित और नकल-मुक्त बनाए रखने […]

देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। राज्यभर में इस बार कुल 2,16,109 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें हाईस्कूल के 1,12,660 और इंटरमीडिएट के 1,03,449 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।

शिक्षा विभाग ने परीक्षा संचालन को सुव्यवस्थित और नकल-मुक्त बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेश में कुल 1,261 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें 50 एकल केंद्र (केवल बालिका या बालक) और 1,211 मिश्रित केंद्र शामिल हैं। संवेदनशीलता के आधार पर 156 केंद्रों को संवेदनशील तथा 6 केंद्रों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। साथ ही इस वर्ष 24 नए केंद्र भी जोड़े गए हैं।

जिलेवार व्यवस्था पर नजर डालें तो टिहरी जनपद में सर्वाधिक 136 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जबकि चंपावत जिले में सबसे कम 44 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। बोर्ड सचिव विनोद कुमार सिमल्टी के अनुसार संस्थागत और व्यक्तिगत दोनों श्रेणियों के परीक्षार्थियों के आवेदन ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हो चुके हैं और प्रवेश पत्र जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए राज्य, मंडल और जिला स्तर पर तीन-स्तरीय सचल दल गठित किए जाएंगे। ये टीमें औचक निरीक्षण कर परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं और अनुशासन की समीक्षा करेंगी। अति-संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की सहायता भी ली जाएगी।

उत्तर पुस्तिकाओं के संग्रहण के लिए 39 केंद्र बनाए गए हैं, जबकि मूल्यांकन कार्य 29 केंद्रों पर संपन्न होगा। इनमें 16 केंद्र गढ़वाल मंडल और 13 केंद्र कुमाऊं मंडल में स्थापित किए जाएंगे। सभी मूल्यांकन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे, ताकि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।

प्रायोगिक परीक्षाएं 16 जनवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं। अब 21 फरवरी से लिखित परीक्षाओं की शुरुआत होगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस वर्ष संचालन, निगरानी और मूल्यांकन के प्रत्येक चरण में प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर सख्ती बरती जाएगी, जिससे परीक्षाएं शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराई जा सकें।

Also Read This

वीडियो : दिल्ली-देहरादून हाईवे पर आग का गोला बनी 26 यात्रियों से भरी चलती रोडवेज स्लीपर बस 

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में शुक्रवार सुबह दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दौराला थाना क्षेत्र के दादरी के पास...

बड़ी खबर: पांवटा साहिब सीमा पर अभी भी तैनात पुलिस और अधिकारी। डीएम और एसएसपी भी ले रहे जायजा

देहरादून, 26 जून। नीरज उत्तराखंडी  पंजाब से हिमाचल प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड की ओर आने का प्रयास कर रहे निहंग सिख समुदाय को लेकर उत्पन्न...

Related Posts