बड़ी खबर : कैट ने भेजा मुख्य सचिव , प्रमुख सचिव सहित प्रमुख वन संरक्षक को नोटिस

नैनीताल/देहरादून। वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की वार्षिक कार्य-मूल्यांकन रिपोर्ट (ACR) में ग्रेडिंग कम किए जाने के मामले में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) नैनीताल पीठ ने बड़ा कदम उठाया है। न्यायाधिकरण ने उत्तराखंड वन विभाग के प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु को व्यक्तिगत रूप से नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह के भीतर […]

नैनीताल/देहरादून। वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की वार्षिक कार्य-मूल्यांकन रिपोर्ट (ACR) में ग्रेडिंग कम किए जाने के मामले में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) नैनीताल पीठ ने बड़ा कदम उठाया है।

न्यायाधिकरण ने उत्तराखंड वन विभाग के प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु को व्यक्तिगत रूप से नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

CAT की एकल पीठ के न्यायिक सदस्य जस्टिस राजवीर सिंह वर्मा ने 17 जून को सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। मामले में उत्तराखंड के मुख्य सचिव और प्रमुख वन संरक्षक (PCCF) को भी पदेन नोटिस जारी किया गया है। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 19 अगस्त 2026 को होगी।

क्या है ACR ग्रेडिंग विवाद?

याचिका के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए संजीव चतुर्वेदी की ACR में प्रतिवेदक एवं समीक्षा अधिकारी द्वारा 9.74 अंक दिए गए थे। आरोप है कि स्वीकारकर्ता अधिकारी और प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने इन अंकों को घटाकर 9.30 कर दिया।

संजीव चतुर्वेदी का दावा है कि यह निर्णय बिना किसी ठोस कारण के लिया गया और यह उनके द्वारा विभाग में उजागर किए गए कथित भ्रष्टाचार के मामलों के बाद दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का हिस्सा है।

भ्रष्टाचार उजागर करने के बाद हुई कार्रवाई का आरोप

याचिका में संजीव चतुर्वेदी ने दावा किया है कि उन्होंने पिछले एक वर्ष में वन विभाग से जुड़े कई गंभीर मामलों को उजागर किया था, जिनमें—

1. मुनस्यारी ईको-हट प्रकरण

दिसंबर 2024 में करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं, बिना टेंडर कार्य आवंटन और फर्जी कोटेशन के मामले को उठाया गया था। इस मामले में CBI और ED जांच की मांग की गई थी।

2. मसूरी वन प्रभाग सीमा स्तंभ मामला

जून 2025 में हजारों सीमा स्तंभों के गायब होने और एक वन अधिकारी की संपत्तियों में कथित वृद्धि की जांच की मांग की गई थी। इस मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी कड़ी टिप्पणियां की थीं।

3. मियावाकी पौधरोपण अनियमितता

देहरादून और मसूरी में पौधों की खरीद में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। इस मामले ने विभागीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी थी।

ACR में मिली थीं उत्कृष्ट टिप्पणियां

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रतिवेदक अधिकारी ने संजीव चतुर्वेदी की सत्यनिष्ठा को “अकाट्य” बताया था। साथ ही वन प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग, बुरांश उद्यान की स्थापना और विश्व के सबसे ऊंचे मियावाकी रोपण जैसे कार्यों की सराहना भी की गई थी।

उन्हें ACR में परिश्रमी, अत्यधिक जानकार और सक्षम अधिकारी बताया गया था। इसके बावजूद अंतिम ग्रेडिंग कम किए जाने पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई।

मुख्य सचिव पर भी कार्रवाई न करने का आरोप

संजीव चतुर्वेदी ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने दिसंबर 2024 में मुख्य सचिव को प्रत्यावेदन दिया था, लेकिन निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका निस्तारण नहीं किया गया। जबकि ACR नियमों के तहत ऐसे मामलों का निपटारा दो माह के भीतर किया जाना आवश्यक होता है।

लोकपाल में प्रतिनियुक्ति की भी चर्चा

गौरतलब है कि वर्तमान में संजीव चतुर्वेदी उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी, हल्द्वानी के निदेशक हैं। हाल ही में उत्तराखंड सरकार ने उन्हें लोकपाल ऑफ इंडिया में संयुक्त सचिव पद पर प्रतिनियुक्ति के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और सहमति भी प्रदान की है।

प्रशासनिक हलकों में बढ़ी चर्चा

CAT द्वारा प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत नोटिस जारी किए जाने के बाद यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इसे प्रशासनिक जवाबदेही, निष्पक्ष मूल्यांकन प्रणाली और व्हिसलब्लोअर अधिकारियों के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मामले के रूप में देखा जा रहा है।

उत्तराखंड वन विभाग के प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने कहा कि अभी उन्हें ऐसा नोटिस मिला नहीं है मिलने पर नोटिस का अध्ययन करने के बाद अध्ययन मैं केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) नैनीताल पीठ को अपना जवाब दे दूंगा।

Also Read This

बड़ी खबर : क्षेत्र पंचायत बैठक में भारी हंगामा,प्रधानों ने भी किया बहिष्कार। जानिए कारण

थराली (चमोली)। चमोली जिले के थराली विकासखंड में मंगलवार को आयोजित क्षेत्र पंचायत बैठक भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने...

बड़ी खबर : गैंगरेप केस के तीनों आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार । एक के पैर में लगी गोली

रुद्रपुर। उत्तराखंड के चर्चित रुद्रपुर गैंगरेप प्रकरण में फरार चल रहे तीनों मुख्य आरोपियों को पुलिस ने देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर...
Parvatjan Team
Parvatjan Team
Parvatjan Team is dedicated to delivering the latest, accurate, and reliable news from Uttarakhand. We cover local issues, administrative updates, public interest stories, and breaking news in a clear and simple manner.

Related Posts