देहरादून, 13 अक्टूबर।नीरज उत्तराखंडी
उत्तराखंड के 25 साल के राजनीतिक इतिहास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अब तक सबसे अधिक मुख्यमंत्री घोषणाएं करने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार धामी के कार्यकाल में मुख्यमंत्री घोषणाओं की संख्या 4,621 के पार पहुंच गई है। इनमें 2,852 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 1,397 घोषणाओं पर कार्य चल रहा है। फिलहाल 303 घोषणाएं लंबित बताई गई हैं।
आंकड़ों के लिहाज से देखें तो 2,852 पूर्ण घोषणाएं कुल 4,621 के मुकाबले लगभग 61.7 प्रतिशत हैं। वहीं 1,397 घोषणाओं पर काम चल रहा है, जो करीब 30.2 प्रतिशत है। यानी पूर्ण और प्रगतिरत घोषणाओं को जोड़ दिया जाए तो करीब 92 प्रतिशत घोषणाएं कार्रवाई के दायरे में हैं। इसी आधार पर धामी सरकार के घोषणा-निष्पादन का आंकड़ा 90 प्रतिशत के पार बताया जा रहा है।
हालांकि यहां एक जरूरी अंतर समझना होगा—92 प्रतिशत का आंकड़ा पूर्ण घोषणाओं का नहीं, बल्कि पूर्ण और प्रगतिरत घोषणाओं का संयुक्त आंकड़ा है। पूर्ण घोषणाओं का वास्तविक अनुपात लगभग 62 प्रतिशत है।
पिछले मुख्यमंत्रियों से तुलना
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में 2,406 घोषणाएं हुईं, जिनमें 2,063 पर कार्रवाई हुई और उनका अनुपात करीब 85 प्रतिशत बताया गया है। हरीश रावत के कार्यकाल में 3,814 घोषणाओं में से 2,201 पूरी हुईं, जबकि विजय बहुगुणा के कार्यकाल में 1,348 में से 680 घोषणाएं पूरी हुईं।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के दूसरे कार्यकाल में 33 घोषणाओं में सभी पर कार्रवाई हुई थी। इसलिए अनुपात के लिहाज से उनका आंकड़ा 100 प्रतिशत रहा, लेकिन घोषणाओं की संख्या धामी के मुकाबले बेहद कम थी।
लंबित घोषणाओं पर मुख्य सचिव की निगरानी
मुख्यमंत्री धामी ने घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने को सरकार की प्राथमिकता बताया है। मई 2026 में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में उन्होंने लंबित घोषणाओं के संबंध में 15 जून तक शासनादेश जारी करने और कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए थे। विभागों के बीच समन्वय की कमी पर भी उन्होंने नाराजगी जताई थी।
मार्च 2026 में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में भी मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा हुई थी और लंबित परियोजनाओं पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए गए थे।
बहरहाल यह कहना तथ्यात्मक रूप से अधिक सही होगा कि पुष्कर सिंह धामी ने घोषणाओं की संख्या के मामले में अब तक के सभी मुख्यमंत्रियों को पीछे छोड़ दिया है और लगभग 92 प्रतिशत घोषणाएं या तो पूरी हो चुकी हैं या उन पर काम चल रहा है। लेकिन 62 प्रतिशत पूर्ण और करीब 30 प्रतिशत प्रगतिरत हैं—इन दोनों को मिलाकर 90 प्रतिशत से अधिक कार्रवाई का आंकड़ा बनता है।






